A love story in hindi- मोहब्बत ने फिर से घुमक्कड़ बनाया

A love story in hindi

मेरे पड़ोस में रहने वाला विजय कभी एक जगह टिक कर नहीं रहता था,जब देखो तब घूमने निकल जाया करता था,एक दिन मैंने उससे पूछा क्यों घुमक्कड़ बन कर जिंदगी गुजार रहे हो,इससे अच्छा है,कोई काम कर लो,इस पर विजय ने कहा की मुझे कहीं जॉब लगवा दीजिये मैं वहीँ रह जाऊंगा। उसकी बात सुन कर मैं सोच में पड़ गया और सोचा अब क्या करू,तभी मेरे कंपनी में एक लड़के की जरुरत हुई मैंने विजय को जॉब में लगवा दिया,अब रोज मैं और विजय साथ में ऑफिस जाते और साथ ही ऑफिस से आते थे, हम दोनों बहुत खुश थे,महीने में अंत में जब सेलिरी मिली तो विजय बहुत खुश हुआ,क्योंकि ये सेलरी उसकी जिंदगी की पहली सेलरी थी, ये बात नहीं था की विजय का ये पहला जॉब था, इससे पहले भी वो कई जगह जॉब कर चूका था,लेकिन अपनी घुमक्कड़ स्वभाव की वजह से सेलरी मिलने से पहले जॉब छोड़ देता था, जॉब कहना गलत होगा वो शहर ही छोड़ देता था,मेरे साथ जॉब करते हुए भी उसने कई बार अपना मन बनाया दूसरे शहर जाने का,लेकिन मैं उसे जाने नहीं दिया,जिसकी वजह से उसे वेतन मिल गया और उसकी ख़ुशी देखने लायक थी,उसने अपना पूरा वेतन कपडा और जूता-चप्पल खरीदने में खर्च कर दिया।

love story in hindi

अगले महीने विजय की दोस्ती ऑफिस के सारे स्टाफ से हो गयी और विजय के बगल में काम करने वाला रमेश उसका बहुत अच्छा दोस्त भी बन गया,जिसकी वजह से विजय को ऑफिस में मन लग गया। एक दिन विजय तैयार हो कर निकल रहा था,मैंने पूछा आज तो ऑफिस बंद है फिर कहाँ जा रहे हो? इस पर विजय ने बताया की रमेश अपनी गर्ल फ्रेंड से मिलवाने ले जा रहा है,मैंने जाने दिया। शाम को वो जब नहीं आया तो मैंने विजय को कॉल किया तो पता चला रात को विजय रमेश के यहाँ ही रुकेगा। अगली सुबह विजय आया तो पता चला की कल रमेश की गर्ल फ्रेंड का जन्मदिन था इसलिए शाम तक पार्टी चलती रही और इसी वजह से वो रात को वहीँ रुक गया, और तभी विजय फोन पर लग गया अब विजय हमेशा फोन पर ही लगा रहता था,मैंने इसकी वजह पूछा तो पता चला की वो रमेश की गर्ल फ्रेंड की दोस्त से जन्मदिन वाले दिन मिला था, और हम दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे हैं,उसी से बात करता हूँ।मुझे ख़ुशी हुई की विजय की जिंदगी में लड़की आ गयी अब वो घुमक्कड़ पन छोड़ देगा। विजय अब अपनी गर्ल फ्रेंड से हमेशा बात करने में व्यस्त रहता,जिसकी वजह से उसका काम भी सही से नहीं हो रहा था,लेकिन मेरे रहते हुए ऑफिस में कोई उसे कुछ नहीं बोल पा रहा था,ये बात मुझे पता चली तो मैंने विजय को समझाया की काम वकत बात मत किया करो,लेकिन विजय ने अपनी गर्ल फ्रेंड को मन इतना बढ़ा दिया था की वो काम करने ही नहीं देती,अगर विजय बात नहीं करता तो वो रूठ जाती और विजय को फिर मनाना पड़ता। देखते ही देखते पुरे ऑफिस को पता चल गया की विजय काम कम और बातें ज्यादा करता है। ये बात रमेश ने अपनी गर्ल फ्रेंड को बताई और उसकी गर्ल फ्रेंड ने अपनी दोस्त को जो विजय की गर्ल फ्रेंड थी। जब विजय की..
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