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an inspirational story in hindi language-पिनिया मछली की प्रेरक कहानी

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हम हर दिन एक से बढ़कर एक प्रेरणादायक कहानिया प्रकाशित करते हैं।पेश है इसी कड़ी में आज हम कोयल और बतख की प्रेरणादायक कहानी an inspirational story in hindi language प्रकाशित कर रहे हैं।आशा है ये आपको अच्छी लगेगी।
लेखक- संजीव

an inspirational story in hindi language

एक जंगल में एक तालाब था और उस में बहुत सारी मछलियां रहती थी। उनमे एक पिनिया नामक रंग बिरंगी मछली भी थी जो की बहुत मस्त मौला और हिम्मती थी। तालाब में खाने की बहुतायत थी इसीलिए सभी मछलियां उसमे मजे से रहती थी। एक बार भयंकर सूखा पड़ा और धीरे धीरे तालाब का पानी घटने लगा। जंगल के पशु पंछी भी पानी के आभाव में दम तोड़ने लगे और जो बचे,वो पानी की तलाश में दूसरी जगहों पर चले गए। इधर तालाब के अंदर भी बुरा हाल था। पानी के तेजी से सूखने की वजह से खाने के स्त्रोत घटते जा रहे थे।अधिकांश मछलियों ने अब जीने की आस छोड़ दी थी पर पिनिया ने हिम्मत नहीं हारी थी और वहां से किसी दुसरे तालाब के बारे में जाने को सोच रही थी।उसने पहले तालाब पर आने वाले पशु पंछियों से पुछा,पर किसी को भी जल के अन्य स्त्रोत के बारे में पता नहीं था। उसने तालाब के चारो कोनों पर घूम घूम कर ध्यान से देखना शुरू किया तो उसे एक दिन एक छोटा सा छिद्र नजर आया,कौतूहलवश पिनिया उसके अंदर गयी तो वहां अचानक उसने लाल बड़ी आँखों को अपनी तरफ आते देखा,असल में वो एक पानी में रहने वाले साँप का बिल था। पिनिया उस खतरनाक सांप से बाल बाल बची और वहां से जान बचाकर भागी पर फिर भी उसने तालाब से निकलने का रास्ता खोजना नहीं छोड़ा।
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इधर तालाब का पानी आधे से भी कम रह गया था और उसके आभाव में कुछ बुजुर्ग एवं कमजोर मछलियों ने दम तोडना शुरू कर दिया था। एक दिन इसी तरह खोजते खोजते पानी के अंदर एक गुफानुमा बड़ा छिद्र दिखाई दिया जिसमे पानी वेगवान होकर अंदर जा रहा था। उसने सोचा हो ना हो ये किसी नदी में मिलता होगा। एक पल के लिए उसे हिचकिचाहट हुई पर वो हिम्मत बांधकर वो उस छिद्र के अंदर चली गयी। चुकी पानी के अंदर गति थी इसीलिए वो बिना तैरे से अँधेरे में आगे जा रही थी। कुछ देर बाद उसे दूर प्रकाश की किरण नजर आयी और वहां जाते ही वो एक बड़ी सी नदी में जा गिरी। पिनिया की मेहनत रंग लायी और उसकी ख़ुशी का ठिकाना ना रहा। ये एक बड़ी सी नदी थी जिसके चारो ओर सिर्फ हरियाली थी और नदी में खाने की कोई कमी नहीं थी। वो वापस जाकर बांकी बची मछलियों को भी नदी तक ले आयी। सबने उसकी हिम्मत की प्रशंसा की सभी वहां पर सुखीपुर्वक रहने लगे।
कहानी सी सीख- हमेशा अपने मन की सुननी चाहिए और विपरीत परिश्थितियों में भी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए।
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