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moral hindi stories- लौमड़ी और शेर की प्रेरणादायक कहानी

हम हर दिन एक से बढ़कर एक प्रेरणादायक कहानिया प्रकाशित करते हैं। इसी कड़ी में हम आज  “लौमड़ी और शेर की प्रेरणादायक  कहानी ” moral hindi stories प्रकाशित कर रहे हैं।आशा है ये आपको अच्छी लगेगी।
लेखक- संजीव

एक बार एक शेर जंगल में शिकार को निकला, पर बहुत देर घूमने के बाद भी वो खाली हाथ था। तभी उसे दूर झाड़ियों में कुछ हलचल दिखाई दी। भूखा शेर शिकार की आस में झाड़ियों पर झपटा पर वहां पहुंचने पर उसने देखा की वहां एक लौमड़ी का नवजात बच्चा था। शेर ने उसको मारा नहीं पर मुँह में दबाकर शेरनी और अपने बच्चों के पास ले गया। शेरनी को उस नवजात लौमड़ी को देखकर दया आ गयी और उन्दोनो ने उसे मारने की बजाये अपने बच्चों के साथ पालने का निर्णय लिया। धीरे धीरे लौमड़ी का बच्चा शेर के बच्चों के साथ बड़ा होने लगा। शेर और शेरनी, दोनों ने कभी भी अपने बच्चों और उसमे अंतर नहीं किया और सबको सामान प्रशिक्षण दिया। खैर वो दिन आ गया जब सारे बच्चे थोड़े युवा हो गए और उन्हें शेर शेरनी ने एक साथ शिकार पर ले चलने का निर्णय लिया। वो सब मिलकर एक घास के मैदान में गए जहाँ पर भैसों का एक झुण्ड था





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उन्होंने उन्हें चारो और से घेरने की रणनीति बनायीं और सबसे कमजोर या छोटे भैसे को निशाना बनाने का निर्णय लिया। वक्त आया और सब मिलकर भैसों को खदेड़ने लगे और सबसे छोटा भैसा अब व्यस्क हो चुके लौमड़ी के तरफ आने लगा पर ये क्या, उसकी अंदर के डर अचानक बाहर आ गया और उसके अंतर्मन ने कहा की ये तो उसका प्राकृतिक दुश्मन है और शेरों ने उसे लाख रोकना चाहा पर वो अचानक ही वो वहां से भाग गया और लोमड़ियों के झुण्ड में जा मिला।

कहानी से सीख- किसी भी जीव का प्राकृतिक स्वाभाव नहीं बदला जा सकता।

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