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satire news in hindi-ये हैं बाबा

हम एक से बचकर एक व्यंग्य देसिकहानियाँ पर प्रकाशित करते रहते हैं। पेश है इसी कड़ी में ये हैं बाबा satire news in hindi.आशा है ये आपको अच्छी लगेगी।
नीरज अपनी आगे की पढ़ाई पूरी करने के लिए गांव से पटना आया.वो सीए की तैयारी कर रहा था,चुकी उसके गांव में सीए के लिए कोई अच्छा इंस्टिट्यूट नहीं था,इसलिए उसने पटना जाना मुनासिब समझा,पहले तो वो दिल्ली जाने का सोचा,लेकिन पापा ने उससे कहा की इतने पैसे नहीं दे पाएंगे,इसलिए वो पटना ही चला जाये,और पटना घर से नजदीक भी है तो कभी जरुरत पड़े तो वापस अपने घर भी आ सकता है,इसी सोच के साथ वो पटना चला आया,और पटना में सस्ते में रहने का ठिकाना भी ढूंढ लिया अब वो सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान देता था.पटना आने के बाद उसके घर से जो पैसा मिलता था,वो काफी नहीं था पटना में रहने के लिए, लेकिन वो किसी भी तरह गुजारा किया करता था. देखते ही देखते दो साल बीत गए लेकिन नीरज सीए का परीक्षा पास नहीं कर पाया,इसलिए उसने सीए अंदर काम सीखना शुरू कर दिया,और सीए ने उसे कुछ पैसे भी देने शुरू कर दिए, अब पैसा कमाने के बाद उसके खर्चे बढ़ गए,क्योंकि उसकी जिंदगी में एक लड़की आ गयी,जिसका नाम स्वेता था, जिससे नीरज बहुत प्यार करने लगा था,देखते-देखते दोनों कब प्यार में डूब गए उन्दोनो को भी पता नहीं चला,पहले नीरज का सिर्फ खर्चा था अब नीरज को अपने साथ साथ स्वेता का भी खर्चा उठाना पड़ रहा था,इसलिए उसने अपनी किस्मत में क्या है,ये जानने के लिए एक बाबा के पास गया,बाबा ने नीरज से परेशानी जाननी चाही और नीरज ने सब कुछ सच सच बता दिया,साथ ही बाबा से अपने जॉब के बारे में पूछा,बाबा ने बताया की उसपर शनि का महाकाल चल रहा है,इसलिए 11 शनिवार पीपल में जल चढ़ाये और श्रद्धा से यहाँ चढ़वा दे,जिससे उसके लिए पूजा किया जायेगा, चढ़ावे में नीरज ने 101 रूपये दे दिए, और 11 शनिवार तक पीपल में जल डालता रहा,उसके बाद वो परीक्षा की तैयारी करने लगा, रिजल्ट आने के बाद नीरज को पता चला की वो फ़ैल हो गया है,उसे बहुत ही दुःख हुआ और एक बार फिर वो दूसरे बाबा के शरण में गया,वहां भी चढ़वा दिया, अब तो नीरज को जब भी मौका मिलता वो किसी ना किसी बाबा के पास पहुँच जाता,सभी बाबा को चढ़वा भी देता लेकिन किसी बाबा की बात सच नहीं हुई,अंत में उसे समझ में आ गया की कोई बाबा उसे काम नहीं देगा और इन सभी बाबा के चक्कर में उसके पैसे भी जाते रहे, साथ ही उसे जॉब से निकाल भी दिया गया,अब तो परेशानी और बढ़ गयी,लेकिन उसकी किस्मत अच्छी थी की उसकी प्रेमिका को जॉब मिल गयी और वो अब नीरज को कुछ ना कुछ पैसे दे दिया करती थी,लेकिन आखिर कब तक नीरज की समझ में नहीं आ रहा था की वो क्या करे?
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अब तो घर से भी पैसे मिलने बंद हो गए थे,एक बार फिर नीरज पढ़ाई में जुट गया और घर से पैसे आने शुरू हो गए, लेकिन खर्चा था की कम नहीं हो पा रहा था,इसलिए उसने साइड से जॉब करना भी शुरू कर दिया, नीरज की जिंदगी कट रही थी, घर से पैसा आता था,खुद भी कमा लेता था और स्वेता भी दे देती थी,लेकिन स्वेता अब उससे दूर होने लगी,क्योंकि स्वेता को खर्च देना पड़ रहा था,और भला कौन लड़की किसी लड़के का खर्च देती है,इसलिए स्वेता ने नीरज से बोल दिया की अब उसे पैसे नहीं देगी,जितना दिया है वो भी वापस करो. नीरज को बहुत बुरा लगा, तभी उसका ध्यान एक बार फिर बाबा की तरफ गया,लेकिन इस बार वो खुद बाबा बनाना चाहता था,इसलिए उसने मोबाइल में कुंडली डाउनलोड की और सोशल साइट फेसबुक पर बाबा रामवतार के नाम से एक आई डी बनाया. देखते ही देखते रात भर में कई लोग उसके आई डी से जुड़ गए,उसने गूगल से एक बाबा का फोटो डाउनलोड किया और अपने आई डी में चिपका डाला. साथ ही लिख डाला,आपकी परेशानी,हमारा समाधान. किसी तरह की समस्या का यहाँ निवारण होगा. फिर क्या था उसके इनबॉक्स में कई लोगो ने समस्या पूछना शुरू कर दिया. देखते ही देखते नीरज बाबा रामवतार बन गया, कोई उससे पूछता वो तुरंत उससे जन्म तिथि,जन्म का स्थान और दिनांक पूछ लेता,जवाब आने के बाद कुंडली के सॉफ्टवेयर से उसकी पूरी जन्म कुंडली बना कर उसकी समस्या और समाधान दोनों देख लेता और पूछने वालो को बताना शुरू कर देता,4-5 समस्या मिल जाती तो नीरज से समाधान भी बताने को बोला जाता,फिर क्या था नीरज पहले paytm करने को बोलता 101 रुपया paytm करो और समाधान लेते जाओ. समाधान के आस में लोग paytm करने लगे और नीरज वापस कुंडली में लिखे समाधान बता देता, कुछ लोगो को उसका लाभ मिलता,कुछ को नहीं,जिसको मिलता वो नीरज को और paytm करते थे और जिनको नहीं मिलता वो दूर हो जाते थे, इस तरह से नीरज के बाबा बनने का धंधा जोर शोर से चलने लगा,कल तक जो खुद बाबा के चक्कर काटता था,वो आज खुद बाबा बन कर सभी के समस्या का समाधान करने लगा. जब तक अंधविश्वास रहेगा नीरज जैसे बाबा का दुकान चलते रहेगा. और नीरज सीए की पढ़ाई छोड़ बाबा रामवतार बन गया.

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