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प्रारब्ध-a new short hindi motivational story of chitragupta maharaj

प्रारब्ध हमारे संचित कर्मों की पूंजी है। जिसके अनुरूप ही हम सुख अथवा दुःख का भोग करते हैं। प्रारब्ध के अनुसार ही हमें मानव जन्म मिला है। सुबह या अशुभ कर्म ही हमारे अगले जन्म को निर्धारित करता है। एक समय की बात है एक नगर में एक प्रतापी राजा ने ब्राह्मणो को भोजन पर बुलाया। राज्य भर के सभी ब्राह्मण भोज में उपस्थित हुए। उसी समय एक चील अपने मुहं में…
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दो गुब्बारे-a new Hindi motivational story about…

अक्सर दुखों का कारण हमारी नकारात्मक मानसिकता ही होती है। हमारी सोच अगर सही नहीं है तो हम साधारण जीवन व्यतीत करते हैं। असाधारण व्यक्तित्व के लिए असाधारण सोच भी…
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कल्पना और यथार्थ-a new short hindi motivational story of…

कल्पना और यथार्थ में बहुत फर्क होता है। आनंद बुद्ध के प्रिय शिष्यों में से एक थे। वे बुद्ध से हमेशा ढेर सारे प्रश्न पूछा करते थे। उन्होंने कई प्रश्न ऐसे पूछे जो…
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अर्थ-a new short inspirational story in Hindi language about…

एक राजा काफी दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से राज पाट चला रहा था। एक दिन उन्होंने अपने दरबार में उस्तव रखा जिसमे मित्र देशों के राजाओं को भी आमंत्रित किया। अपने…
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दो बूँद आंसू-a new short hindi poem of ivan Turgenev

वह एक कैदी था। उम्र कैद की सज़ायाफ्ता। एक दिन मौक़ा पाकर वह जेल से भाग निकला। जितना हो सकता था ,वह भागा जा रहा था। वह पूरी शक्ति लगाकर भाग रहा था। वह इतना थक चुका…
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कमज़ोर-A new short hindi motivational story of being weak

एक दिन मैंने अपने बच्चों की ाधायापिका यूलिया को अपने दफ्तर बुलाया। मुझे उनसे उनके वेतन का हिसाब -किताब करना था। मैंने कहा -आप तो इतने संकोची हैं कि जरूरत पड़ने…
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उत्तराधिकारी-two new short but inspirational story in hindi…

बहुत पूर्व की बात है ,एक प्रतापी राजा थे। प्रजा खुशहाल थी। पर धुकड़ प्रसंग यह था की राजा निःसंतान थे। राजा चिंतित रहते थे की उनकी देहावसान के बाद इस राज्य का कौन…
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मुक्ति का मार्ग-a new short inspirational story in hindi…

एक समय की बात है ,एक राजा एक दिन किसी कारणवश अपने वज़ीर से नाराज़ हो गया। उस राजा ने वज़ीर को एक बहुत ऊँचे मीनार में कैद कर दिया। यह यातनापूर्ण कैद मृत्युदंड से भी…
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मुखोटे-Two new very short hindi inspirational stories

दशहरा का मेला लगा था। मेले में एक दूकान भिन्न -भिन्न मुखोटों से सज़ा था। खासकर राम और रावण की मुखौटों की। एक बच्चा अपने पापा से मुखौटा खरीद देने की जिद की। पिता…
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