ga('send', 'pageview');
Articles Hub

शहरी डॉक्टर-A doctor of town a new short hindi motivational story

A doctor of town a new short hindi motivational story,inspirational story in hindi,inspirational story in hindi for students, motivational stories in hindi for employees, best inspirational story in hindi, motivational stories in hindi language

शहरी डॉक्टर। -इवान तुर्गनेव -एक विधवा महिला ने एक डॉक्टर को पर्ची भेजी जिसमे लिखा था -मेरी बेटी मर रही है। खुदा के वास्ते जल्दी आ जाईये ,आपके लिए घोड़ा -गाडी भेज दी है। वह जगह शहर से बीस मील की दुरी पर थी। पर एक डॉक्टर के लिए फ़र्ज़ को निभाना उसका प्रथम कर्तव्य होता है। बड़ी मुश्किल भरे रास्ते से गुजरते हुए डॉक्टर वहा पहुंचे। ममता की मूरत एक बृद्धा ने कहा -उसे बचा लो डॉक्टर नहीं तो वह मर जायेगी। बस दुआ करें ,मरीज कहा है डॉक्टर ने पूछा। बिस्तर पर एक बीस बर्षीय लड़की अचेतन अवस्था में लेटी हुयी थी। उसका बदन तप रहा था तथा साँसे तेज चल रही थी। वह क्या बोल रही है मैं बाहर निकल आया। अगले दिन भी उसकी तबियत में कोई सुधार नहीं हुआ। मेरी मरीज- कैसे कहूं कि मुझपर क्या गुजर रही है। वहीँ उसकी दो बहने भी थी जो रो रही थी। उसे दवाई दी गई। डॉक्टर ने उसके चेहरे को देखा तो देखता ही रह गया ,ऐसा अनुपम सौंदर्य . घर के लोगों ने डॉक्टर को रात में वहीँ रुकने की गुजारिश की उसने हामी भर दी। ,वह सो गई थी। डॉक्टर ने सोना चाहा पर सो ना सका। उसने मरीज को देखने के बहाने उस कमरे की तरफ बढ़ चला। उस बीमार लड़की के साथ बगल में उसकी नौकरानी सोई थी। मरीज जाग रही थी उसने डॉक्टर से पूछा -आप कौन है? उन्होंने उसे अपना परिचय दिया। उसने कहा -डॉक्टर ,मेहरबानी करके मुझे मरने मत दीजिये। ऐसी बातें मत करिये भगवान् आपको लम्बी उम्र दे। अभी भी उसे बुखार था। उसने डॉक्टर का हाथ थाम लिया और बोली -‘मैं आपको बताउंगी कि मै मरना क्यों नहीं चाहती मैं उसके करीब झुक गया। उसके बाल मेरे गालों को छु रहे थे वह अपने रौ में बोले जा रही थी कुछ समझ में नहीं आया कि वह क्या कह रही थी। मेरी मरीज –कैसे कहूं कि वह मुझसे प्यार करने लगी थी। या फिर उसका दोस्ताना लगाब भर था। उसकी हालात दिन बी दिन बिगड़ती चली जा रही थी। मै मरीज के पास दिन भर बैठा रहता ताकि उनका विश्वास डॉक्टर के ऊपर से ना उठे। वह अफ़सोस करती कि वह मुझसे पहले क्यों नहीं मिली। एक दिन जब वह बुखार में तप रही थी उसने पूछा -‘देखो डॉक्टर झूठी दिलासा मत देना ,क्या मै मर जाऊंगी ? अगर मरना ही है तब मैं आपको सब कुछ बताना चाहती हूँ। मैंने उसे दिलासा देना चाहा पर खुश होकर चिल्लाने लगी -‘मैं मरने वाली हूँ ,मैं मरने वाली हूँ। उसके चेहरे पर अजीब सा चमक दिखने लगा था। मैं मरने से बिलकुल नहीं डर्टी। तुम एक नेकदिल और प्यारे इंसान हो इसलिए मै तुम्हे प्यार करती हूँ। मैं बुत सा बना उसे देख रहा था। उसने मेरा ललाट अपने हाथों में लेकर चूम लिया। वह अपनी उंगलियां मेरे बालों में फिराती रही। वह शायद रो रही थी। नौकरनी जाग जायेगी इसकी उसे परवाह नहीं थी। तुम किससे डर रहे हो ,अपना सिर उठाओ उसने अपनी बाहें फैला दी अब मुझे अपनी बाहों में ले लो — मैं नहीं जनता कि ऐसा क्यों हो रहा था ? बीस साल की उम्र में यह बिन जाने कि प्रेम क्या होता है वाकई मुश्किल है। उसने मुझे अपनी बाहों में जकड़े रखा और जाने नहीं दिया। जब मुझे मर ही जाना है तब अपने किसी कृत्य पर लज़्ज़ित क्यों होऊं भला ?उसने कहा। पर किसने कहा कि तुम मर जाओगी ? मैंने पूछा।
और भी प्रेरक कहना पढ़ना ना भूलें==>
कर्म का लेखा-a new devotional and motivational story in hindi language
किस जन्म में-in which birth a new short motivational hindi story
प्रतिशोध-Two new short hindi inspirational stories of two different kings
A doctor of town a new short hindi motivational story,inspirational story in hindi,inspirational story in hindi for students, motivational stories in hindi for employees, best inspirational story in hindi, motivational stories in hindi language

तुम ज़िंदा रहोगी मैं तुम्हारा इलाज़ करूंगा और तुम्हारी माँ के आशीर्वाद से हम एक हो जाएंगे और खुश रहेंगे। नहीं मेरा मरना तय है ,तुम झूठ नहीं बोल सकते तीन दिनों और तीन रातों तक वह जिंदगी और मौत से जूझती रही। और आखरी रात ,यातना भरी मैं ईश्वर से कह रहा था -हे भगवान् तुम उसके साथ मुझे भी उठा लो। अचानक वह अपनी माँ को देखकर बोली -अच्छा हुआ आप आ गई हम एक दूसरे को प्यार करते है। मेरी माँ बहुत अच्छी है वह मुझे माफ़ कर देगी। उसने मेरा हाथ अपनी हाथों में ले लिया . अगले दिन मरीज चल बसी। मरने से पहले उसने अपने परिवार को बाहर जाने और मुझे उसके साथ अकेले छोड़ने को कहा . मुझे माफ़ कर दे। मेरी बीमारी —यकीं करिये मैं आपकी गुनहगार हूँ मैंने अपने जीवन में आपसे अधिक किसी को नहीं चाहा। तुम मुझे भुला नहीं देना। यह मेरी अंगूठी अपने पास रखो मैंने उसका हाथ पकड़ लिया। उसके बाद बहुत दिनों पश्चात मैंने एक व्यापारी की बेटी से शादी कर लिया। अब मेरे पास सोचने के लिए सिर्फ एक चीज है कि बच्चों को रोने से और बीबी के फटकारने से कैसे रोकूं ? वह एक बदमिजाज औरत है लेकिन गनीमत है कि वह दिन भर सोती रहती है। –तो खेलें प्रेफरेंस ?

मैं आशा करता हूँ की आपको ये story आपको अच्छी लगी होगी। कृपया इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ फेसबुक और व्हाट्स ऍप पर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। धन्यवाद्। ऐसी ही और कहानियों के लिए देसिकहानियाँ वेबसाइट पर घंटी का चिन्ह दबा कर सब्सक्राइब करें।

Tags-A doctor of town a new short hindi motivational story,inspirational story in hindi,inspirational story in hindi for students, motivational stories in hindi for employees, best inspirational story in hindi, motivational stories in hindi language

80%
Awesome
  • Design
loading...
You might also like