ga('send', 'pageview');
Articles Hub

कर्म का लेखा-a new devotional and motivational story in hindi language

कर्म का लेखा
a new devotional and motivational story in hindi language,inspirational story in hindi,inspirational story in hindi for students, motivational stories in hindi for employees, best inspirational story in hindi, motivational stories in hindi language
एक कोरोना पेशेंट बेहद सीरियस हालात में अस्पताल आया। अस्पताल के मालिक ने तत्काल खुद जाकर उस मरीज़ को आई सी यू में केस की जांच की। तुरत ऑक्सीजन लगाया गया। उन्होंने मरीज़ पर पूरा ध्यान देने को कहा साथ ही यह भी कहा कि इस मरीज़ पर होने वाले खर्च इनसे नहीं लिए जाएँ। मरीज़ करीब 15 दिनों तक अस्पताल में रहा। जांच के बाद उसका रिपोर्ट नेगेटिव आया। डिस्चार्ज करने वक़्त उस मरीज़ का बिल करीब ढाई लाख रुपये आया. बिल मालिक और डॉक्टर के टेबल पर आया। अकाउंट मैनेजर से एक भी पैसा नहीं लेने को कहा गया। मरीज़ को डॉक्टर के चैम्बर में लाया गया। डॉक्टर ने उस मरीज़ से पूछा -भाई ,क्या तुम मुझे पहचानते हो ? मरीज़ ने कहा -‘लगता है मैंने पहले कहीं आपको देखा है . डॉक्टर ने कहा। ,भाई ,याद करो ,दो साल पहले तुमने एक जंगल मे गाडी ठीक की थी। उस रोज़ मैं अपने परिवार के साथ बृन्दावन के बांके बिहारीजी का दर्शन कर लौट रहा था। अचानक कार से धुंआ निकलने लगा। और गाडी बंद हो गई। अन्धेरा घिरने लगा था। चारों तरफ जंगल और डरावना सन्नाटा। सभी के चेहरे पर चिंता और भय की लकीरें दिखने लगी थी। सभी ठाकुर जी से प्रार्थना कर रहे थे कि कोई मदद मिले। थोड़ी ही देर में सचमुच बांके बिहारीजी ने चमत्कार कर दिया। तुम बाइक पर सवार गुजर रहे थे। हमने हाथ उठाकर रुकने का इशारा किया। तुमने हमारी परेशानी का कारण पूछा। कार का बोनट खोलकर चेक किया और कुछ ही पलों में कार को चालू कर दिया। हमें लगा कि सचमुच भगवान् ने हमारी प्रार्थना सुनकर तुम्हे भेजा है। परिवार के हर सदस्य के चेहरे पर ख़ुशी की लहर दौड़ रही थी। उस सुनसान जंगल में फ़ोन भी टावर नहीं रहने के कारण नहीं लग रहा था। नेट भी नहीं चल रहा था।
और भी प्रेरक कहना पढ़ना ना भूलें==>
जिम्मेदारी-Responsibilities a new short love story from the street of bhopal
सौदा-Deal a new short hindi love story of a poor girl and a rich boy
अन्याय का अंत-End of injustice an interesting motivational story in hindi language
a new devotional and motivational story in hindi language,inspirational story in hindi,inspirational story in hindi for students, motivational stories in hindi for employees, best inspirational story in hindi, motivational stories in hindi language
बच्चे भी बहुत डरे हुए थे। कोई भी अनहोनी हो सकती थी। मैंने तुम्हे मदद के बदले कुछ पैसे देने चाहे पर तुमने हाथ जोड़कर कहे थे -‘मेरा नियम और सिद्धांत है कि मुश्किल में पड़े व्यक्ति की मदद के बदले कभी कुछ नहीं लेता। यही शब्द मेरे जीवन के प्रेरणा बन गए। तुमने यह भी कहा था की मेरी इस मज़दूरी का हिसाब भगवान् रखते है। एक सामान्य आय का आदमी जब इतना उच्च विचार रख सकता है तब मैं क्यों नहीं रख सकता ? तभी से मैंने भी अपने जीवन में तुम्हारी तरह ही यही संकल्प ले लिया। तुम मेरे मेहमान हो और तुम्हारे ही बताये नियम के अनुसार मैं तुमसे कुछ भी नहीं ले सकता। तुम अपने घर जाओ और कोई भी तकलीफ हो तो बिना संकोच के आ जाना। उन्होंने भगवान् के तस्वीर के सामने हाथ जोड़कर कहा -हे प्रभु ,आपने आज मेरे कर्म का पूरा हिसाब व्याज समेत चुका दिया। सही है कि आपके द्वारा किये गए कर्म आपके पास लौट कर आते है और वो भी व्याज समेत।

मैं आशा करता हूँ की आपको ये story आपको अच्छी लगी होगी। कृपया इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ फेसबुक और व्हाट्स ऍप पर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। धन्यवाद्। ऐसी ही और कहानियों के लिए देसिकहानियाँ वेबसाइट पर घंटी का चिन्ह दबा कर सब्सक्राइब करें।

Tags-a new devotional and motivational story in hindi language,inspirational story in hindi,inspirational story in hindi for students, motivational stories in hindi for employees, best inspirational story in hindi, motivational stories in hindi language

80%
Awesome
  • Design
loading...
You might also like