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खुशनुमा जिंदगी-A new hindi language love story of the valentine’s day special

A new hindi language love story of the valentine’s day special

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जिंदगी बहुत ही हसीन थी। आज नेहा का मेडीकल कॉलेज का थर्ड इयर का आखिरी दिन था। नेहा को जल्द से जल्द पेपर देकर अपने चचेरी बहन की शादी अटेंड करने जाना था। वो बहुत ही खुश थी, उसकी ट्रेन रात को बारह बजे होशियारपुर पहुंचने वाली थी। घर में सब लोग उसका बेताबी से इंतजार कर रहे थे। नेहा एक मेडीकल स्टुडेंट थी इसीलिए उसे घर में बहुत ही खास ट्रीटमेंट दिया जाता था। नेहा के परिवार में वो अकेली लड़की थी जो इतना पढ़ रही थी। बाकी सब औरतें घर का ही काम किया करती थीं।
रात के बारह बजे नेहा अपनी एक सहेली के साथ अपने घर पर पहुंची । एक काले रंग का शर्ट और ब्लू जीन्स मेँ वो बहूत ही खूबसूरत और सुशील लग रही थी। बहुत रात होने के वजह से कम्पाउंड का गेट लॉक हो चुका था। गेट की चाबी अब मिल नही रही थी। घर की सारी औरतें सो चुकी थी। सिर्फ चार-पांच लड़के ही आपस में हंसी मजाक कर रहे थे। नेहा बाहर खड़ी थी और चाबी मिल नही रही थी इसलिए सभी लडके उसे उटपटांग सलाह दे रहे थे और उसका मजाक उड़ा रहे थे।
“आज की रात हम सब भी बाहर ही बैठते है, कितना मजा आएगा।”
“मेरी बेटी इतनी दूर से आई है उसकी सहायता करने की छोड़ दी और उसे परेशान कर रहे हो । कैसे भाई लोग हो तुम।” नेहा की मां बोली।
आखिरकार वॉल कंपाउंड की दीवार से जम्प करके नेहा की घर के अंदर एन्ट्री हुई। जैसे ही उसने घर में कदम रखा, नेहा की मां चाबी ले आयी। नेहा ने अपना सामान रखा और उन्ही लड़कों के बीच वो बैठ गयी। आमतौर पर घर की औरतें कभी भी मर्दों के बीच में बैठती नही थी। लेकिन नेहा का रहन-सहन, उसकी उच्च शिक्षा की वजह से घर के सारे मर्द उसके साथ इज्जत से पेश आते थे और उसे अपनी महफिल का हिस्सा भी बनाते थे। थोड़ी ही देर में नेहा की मां पानी लेकर आयी।बाद में खाना लेकर आयी। बहुत देर तक सभी ने बातें की।
“अब तक कितने लोगों को मारा तुमने”
“अभी तो मै सिर्फ पढा़ई कर रही हूं।जब मै इंटर्नशिप करूंगी तब पेशंट चेक करने का मौका मिलेगा।”
“और कितने साल पढ़ोगी”, प्रभास के चाचा ने पुंछा। अभी एक और साल, उसके बाद एक साल इंटर्नशिप। फिर से दो साल का डिप्लोमा या फिर डीएनबी करना पडेगा। देखते हैं अभी आगे-आगे क्या होता है”

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इस महफिल के खत्म होते ही प्रभास के पापा ने नेहा के पापा से नेहा और प्रभास की शादी की बात छेड़ दी। दोनों में दस साल का अंतर था लेकिन प्रभास का करियर उन दिनों आसमान छू रहा था। इसी वजह से नेहा के पापा ने पलभर में ही हां कह दी। प्रभास को भी इस बात से कोई ऐतराज नही था। प्रभास अपने घर वालों की बहुत इज्जत करता था, इसीलिए उसने भी हां कह दी। नेहा को शादी के इस प्रस्ताव के बारे में कुछ भी पता नहीं था और घर के बड़े जब तक उसकी पढाई पूरी नहीं होती, उसे शादी की बातों से दूर ही रखना चाहते थे। ये बात यही खत्म हो गयी।
कुछ ही दिनों के बाद नेहा ने अपनी इंटर्नशिप भी पूरी कर ली। उसके एक दो सहेलियों की शादी भी हो गयी। लेकिन नेहा के घर में शादी की बात का कोई जिक्र नही था। नेहा एम. डी. की पढाई के लिए एन्ट्रेंस की तैयारी करने लगी। वो आगे की पढाई के लिए मुंबई, दिल्ली या फिर केरल जाएगी। ऐसी बातें सुनकर नेहा की मां परेशान होने लगी। अकेली लड़की को इतनी दूर भेजने के लिए वो तैयार नही थी। ऊपर से उसकी आगे की पढ़ाई का खर्चा उठाने के लिए नेहा के पापा भी तैयार नही थे। ऐसी परिस्थिती में नेहा की शादी हो जाए, यही ठीक होगा, ऐसी उन दोनों की सोच थी।
दूसरे ही दिन नेहा के पापा ने बदलापुर जाकर प्रभास के पापा से शादी की बात की। प्रभास के पास उस वक्त शादी के लिए वक्त नहीं था। इसलिए फिलहाल नेहा को आगे पढ़ने दीजिए यही प्रभास का जवाब था।
“पर अभी मै इसके आगे नेहा के पढ़ाई के लिए खर्च नहीं कर पाऊंगा”
“कोई बात नही। प्रभास बाहर इतनी चैरिटी करता है, क्या अपनी बीवी के पढ़ाई के लिए खर्च नहीं करेगा। तुम एक काम करो। नेहा को पढ़ाई के लिए बदलापुर ही भेज दो। यही के किसी मेडिकल कॉलेज में पेमेंट सीट पर एडमिशन ले लो।”
“वो सब तो ठीक है। लेकिन होस्टल और मेस का खर्चा भी रहेगा।”
“मामाजी आप इतना टेंशन क्यों ले रहे हो। आप अभी पन्द्रह लाख का चेक ले जाओ। हमारी शादी नहीं हुई तो क्या हुआ, नेहा अब मेरी जिम्मेदारी है।”
प्रभास के मुंह से ये जवाब सुन के घर के सभी सदस्य प्रसन्न हो गये। नेहा का बदलापुर में एडमिशन हो गया। एक दिन अचानक प्रभास के पापा को अटैक आ गया। सभी लोग उनसे मिलने हॉस्पिटल में गये। नेहा के मम्मी पापा भी पहुंचे। नेहा के पापा ने तुरंत नेहा को फोन करके हॉस्पिटल बुलाया। नेहा को देखकर सब लोग बहुत खुश हो गये।
नेहा के आते ही प्रभास के चाची ने कहा,” अब आपकी छोटी बहु आ गयी है। आपको जल्दी ही ठीक होना पडेगा। “ये बात सुनते ही नेहा का चेहरा खामोश हो गया। सबकी मुस्कराहटों में नेहा की खामोशी किसी को नजर ही नहीं आयी। नेहा के पापा ने नेहा को हॉस्पिटल में ही रुकने के लिए कहा। तीन दिन तक नेहा हॉँस्पिटल में ही थी। उसके बाद पन्द्रह दिन वो प्रभास के घर पर ही रुकी। इन हालात में प्रभास और नेहा बार-बार आमने-सामने आए। पर हर बार नेहा ने नजरें झुकाकर उसका सामना करना टाल दिया। प्रभास भी नेहा को पूरा वक्त देना चाहता था, उसे खुद अपने करीब आने के लिए। इसीलिए प्रभास ने भी कभी उससे बात करने की कोशिश नही की।

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