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कोलाहल से दूर-A new short emotional story in hindi for young audiance

कोलाहल से दूर -टॉमस हार्डी
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यह कहानी नायिका बाथशीबा एबरडीन और उसे अपने -अपने ढंग से प्रेम करनेवाले तीन नायको की कहानी है। ये तीन नायक हैं -गड़ेरिआ ग्रैबियल ओक ,धनि किसान बॉल्डवुड और शरारती सार्जेंट ट्रॉय। जब किसान ओक मुस्कराता था तब उसके चेहरे पर झुर्रियां दिखाई देने लगती थी। ग्रैबिएल नाम था उसका। आम तौर पर वह अच्छे चरित्र वाला इंसान था। वह खुद को नैतिक रूप से खुश रखता था। वह एक ऐसा आदमी था जिसका नैतिक रंग काले और सफ़ेद के मिश्रण की तरह था। उसके बूट बड़े -बड़े होते थे और कलाई घडी दीवार घडी की तरह। उसके भीतर लड़कपन के कुछ अवशेष बचे रह गए थे वह 28 का था और अभी तक कुंवारा था। वह एक छोटी सी पहाड़ी के ढलान पर अपने खेत पर था तभी एक पीले रंग की गाडी आते दिखी जो गमलों से लदी थी। गाडी का पिछ्ला तख्ता गायब है मैडम गाड़ीवान ने कहा। इसका गिरना मैंने भी सूना है ,जाकर ले आओ। मैडम ने कहा। एक पिंजरा भी लड़ा था जिसमे कैनरी चिड़ियाँ थी। मुंज की टोकरी में एक बिल्ली थी। वह सुंदरी इंतज़ार कर रही थी गाड़ीवान के लौटने का इंतज़ार कर रही थी , यह एक सुहावनी सुबह थी कोई नहीं जानता उसके मुस्कान को -वह अपने आप पर शरमाई थी या अपने प्रतिबिम्ब को देख शर्म से लाल हो गई थी गाड़ीवाले की क़दमों की आहटें सुनाई पड़ी गाडी आगे चुंगी के भुगतान के लिए रुकी तभी उसे कुछ वाद -विवाद सुनाई दी। मालकिन की भतीजी इस सामान के साथ है बहुत दे दिया अब और कुछ नहीं देंगी ये गाड़ीवाले के शब्द थे। अच्छी बात है ,तो वह नहीं जा सकती मामला दो पेंस को लेकर था।
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ओक सोच में पद गया दो पेन्स बहुत ही महत्वहीन था ये लो ,दो पेन्स फाटकवाले को देते हुए कहा -इस युवती को जाने दो। ‘ युवती ने उसके शब्द सुने और नीचे की तरफ देखा। शायद उसके प्रति आभार की भावनाएं हो और हम जानते है कि औरतें इस प्रकार के एहसान को किस तरह से लेती हैं। फाटक के रखवाले ने दूर जाती गाडी का मुयावना किया -खूबसूरत औरत है उसने ओक से कहा। लेकिन इसकी अपनी कमियां भी हैं और उनमे सबसे बड़ी हैं ,वही जो हमेशा होती हैं। लोगों से भाव-ताव करना ,यही ना ? अरे नहीं। ‘तब क्या है ? ‘अहंकार’ शायद ये शब्द निकलने का मूल कारण इस मनमोहक यात्री की उपेक्षा से खीजे हुए मनोभावो का हो। —-और चलते -चलते -दोस्त ही हैं जो जवान रखते हैं साहब ,वरना बच्चे वसीयत पूछते हैं,और रिश्ते हैसियत पूछते हैं।

नया हिंदी शब्द गौर फरमायें -वह इतनी सुन्दर थी कि मैं एक पल के लिए थरूर सा हो गया। —

एक छात्र ने डॉ कलाम साहब से पूछा-सर ,what is the most difficult things in life ?

उन्होंने कहा – Mistake –Easy to judge when others do it ,difficult to realize when we do it ‘

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