ga('send', 'pageview');
Articles Hub

माँ का अंश-a new short inspirational article about the slavery

a new short motivational story in hindi language of a poor man,,inspirational story in hindi,inspirational story in hindi for students, motivational stories in hindi for employees, best inspirational story in hindi, motivational stories in hindi language
माँ का अंश -मैक्सिम गोर्की -पाविल बोलता रहा ,कमरे में खामोशी गहराती गई ,ऐसा प्रतीत हो रहा था कि कमरा बड़ा होता जा रहा हो और उसका कद भी बड़ा होता जा रहा हो। जज साहब बैचैन होकर कुर्सियों पर पहलु बदल रहे थे। मार्शल ने जज के कानो में कुछ कहा ,और उसने बूढ़े जज के दाहिने कान में कुछ कहा दाहिने ,बाएं दोनों तरफ डोलने से बूढ़े जज ने ऊँचे स्वर में कहा पर पाविल के सुगम भाषण प्रवाह में उनकी आवाज़ डूबकर रह गई। ‘हम समाजवादी है इसका अर्थ हम निजी सम्पति के खिलाफ है निजी सम्पति समाज को छिन्न -भिन्न कर देती है। ,लोभवश आपस में द्वेष पैदा कर देती है। झूठ ,मक्कारी ,और घृणा आत्मा को दूषित कर देती है। यह अमानुषिक है और हमारे हितों के विरूद्ध है। इस समाज ने व्यक्ति पर शारीरिक और नैतिक दासता जबरन थोप राखी है हमें उसके खिलाफ लड़ना होगा कोई भी अपनी निजी स्वार्थ के लिए हमारा शोषण नहीं कर सकता। हर आदमी को काम करना चाहिए। पाविल मुस्कराया ,और धीरे -धीरे अपने बालों में उंगलियां फेरने लगा। उसकी नीली आँखे में चमक पैदा हो रही थी। बूढ़े ने कठोर शब्दों में कहा ,’तुम बस मतलब की बातें करो। माँ की कल्पना में यह बात आई कि उस जज की बाई निस्तेज आँख में लोलुपता और कुत्सा की चमक थी।
और भी प्रेरक कहना पढ़ना ना भूलें==>
ह्रदय परिवर्तन-a new short inspirational story of a king and a daaku
मैले कपडे-a new inspirational story about dirty clothes with a deep message
आदर्श करोड़पति-a new short motivational story of a ideal millionaire
a new short inspirational article about the slavery,inspirational story in hindi,inspirational story in hindi for students, motivational stories in hindi for employees, best inspirational story in hindi, motivational stories in hindi language
तीनो जज उसके बेटे की तरफ देख रहे थे। मानो अपनी पैनी नज़रों से उसकी शक्ति को चूस रहे हों। हम क्रांतिकारी है और तबतक रहेंगे जबतक कुछ लोग केवल हुक्म करते है और कुछ लोग सिर्फ काम करते है। हमारी आपकी कोई सुलह मुमकिन नहीं है। और हम मज़दूरों की विजय यकीनी है। सम्पति की रक्षा करने में सम्पति बटोरने वाले को भारी कीमत चुकानी पड़ती है दरअसल जो मालिक बनते है वे हमसे ज्यादा गुलाम है। हमारा तो सिर्फ शरीर गुलाम है पर उनकी तो आत्माएं भी गुलाम है। हमारी आत्मा पर तो कोई बंधन नहीं हो सकता. नया जीवन लाने की प्रक्रिया चल रही है। मिथ्या प्रचार और लोभ ने एक अलग किस्म की डरावनी दुनिया का निर्माण कर दिया है। हमारे पास नैतिक शक्ति होनी चाहिए। एक नयी दुनिया बसानी होगी। पाविल थोड़ा रुका और फिर जोर देकर बोला ,-‘यह तो होकर रहेगा। ‘और अंत में आज के सुविचार –रिश्ते चाहे कितने भी बुरे क्यों ना हो ,उन्हें तोड़ना मत ,क्योंकि पानी चाहे कितना भी गंदा क्यों ना हो ,अगर प्यास नहीं बुझा सकता तो आग तो बुझा ही सकता है /एक छोटी सी चींटी आपके पैर को काट सकती है ,पर आप उसके पैरों को कदापि नहीं काट सकते / इसलिए जीवन में किसी को छोटा ना समझें क्योंकि वह वो कर सकता है जो आप नहीं कर सकते।

मैं आशा करता हूँ की आपको ये story आपको अच्छी लगी होगी। कृपया इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ फेसबुक और व्हाट्स ऍप पर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। धन्यवाद्। ऐसी ही और कहानियों के लिए देसिकहानियाँ वेबसाइट पर घंटी का चिन्ह दबा कर सब्सक्राइब करें।

Tags-a new short inspirational article about the slavery,inspirational story in hindi,inspirational story in hindi for students, motivational stories in hindi for employees, best inspirational story in hindi, motivational stories in hindi language

80%
Awesome
  • Design
loading...
You might also like