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तेजस्वी बालक-a new short inspirational story from the childhood of swami Vivekananda

a new short inspirational story from the childhood of swami Vivekananda

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स्वामी विवेकानंद का बचपन का नाम बिले था। बाद में वे नरेंद्र नाथ कहलाये .वे बहुत ही तेजसवी बालक थे। उन्हें बचपन से ही खेल कूद और संगीत से गहरी रूचि थी। वे आध्यात्मिक प्रकृति के थे। उनकी माँ हमेशा रामायण और महाभारत की कहानियां सुनाया करती थी। एक समय की बात है कि स्वामीजी माँ दुर्गाजी के मंदिर से पूजा कर निकल रहे थे तभी बहुत सारे बंदरों ने उन्हें घेर लिया। वे उनसे प्रसाद छीनने आगे बढ़ रहे थे। स्वामी जी बहुत भयभीत हो गए। वे भागने लगे पर बंदरों ने पीछा करना नहीं छोड़ा। एक वृद्ध सन्यासी ने जब यह दृश्य देखा तो उन्होंने स्वामीजी को रोका और कहा ,-रुको और डरो मत। सामना करो तब देखो क्या होता है ?स्वामीजी रुके और पलटकर बंदरों की तरफ बढ़ने लगे। उन्हें आश्चर्य हुआ की बन्दर सभी भाग खड़े हुए। यानी विपदा का सामना करो ,भागो मत।काफी समय बाद स्वामीजी ने एक सभा में इस बात का जिक्र किया और कहा -‘यदि तुम किसी चीज़ से भयभीत हो तो भागो मत ,सामना करो ‘ समस्याओं का समाधान तभी होगा

[२] जीवन के कठिन पल -एक आदमी जो किसी प्राइवेट फर्म में कार्यरत था ,वह अपनी जिंदगी से खुश नहीं था। उसने एक महात्मा से अपनी परेशानी की चर्चा की और अपने घर की टेंशन ,ऑफिस की टेंशन अपनी सेहत की चिंता से उन्हें अवगत कराया। उसने इसके निवारण का हल पूछा। उन्होंने उसे एक काम करने को कहा।
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‘हमारे काफिले में सौ ऊंट हैं ,आज की रात तुम इनकी ख्याल रखो जब सभी ऊंट बैठ जाएँ तब तुम सोने चले जाना। ‘ऐसा कहकर महात्मा अपने तम्बू में चले गए। अगली सुबह महात्मा ने पूछा ,-‘कहो बेटा ,रात को अच्छी नींद आयी ना ?’वह दुखी होकर ,बोला – बाबा ,मैं तो एक पल के लिए भी नहीं सो पाया। बहुत कोशिश की सभी बैठ जाएँ पर कोई ना कोई ऊंट खड़ा हो ही जाता ‘.बाबा ने कहा ,बेटा ,समस्यायें भी इन्ही ऊंटों की तरह हैं ,एक का समाधान करोगे तो दूसरी समस्या खड़ी हो जाएंगी। जब तक जीवन है ,ये समस्यायें बनी रहेंगी कभी कम तो कभी ज्यादा। इन्ही समस्याओं में जीवन का आनंद लेना सीखो। कुछ समस्याएं अपने आप ही ख़त्म हो जाती हैं ,कुछ को हम अपने प्रयासों से हल कर लेते हैं और कुछ ऐसी समस्यायें होती हैं जिन्हे लाख चाहो ,हल नहीं होती हैं। ‘ऐसी समस्याओं को छोड़ दो उचित समय आने पर वे खुद ही ख़त्म हो जाती हैं। बिंदास मुस्कराओ ,जिंदगी में टेंशन किसको काम है/अच्छा या बुरा तो केवल भ्रम है जिंदगी में कभी ख़ुशी तो कभी गम है।

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