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एक क्रांतिकारी खोज-a new short motivational story in hindi language about a revolutionary invention

a new short motivational story in hindi language about a revolutionary invention

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फ्रेंच बैज्ञानिक ऐस्ट्रन ने एक छोटे से यंत्र का खोज किया है। यह यंत्र व्यक्ति में प्रतिपल अनंत से जो ऊर्जा समाहित हो रही है और कितनी मात्रा में प्रवेश कर रही है ,उसे रिपोर्ट करता है। आप अगर इस यंत्र के सामने खड़े भी हो जाएँ तो यह यंत्र बताता है कि चारों तरफ से ब्रह्माण्ड से कितनी शक्ति आ रही है। अनंत शक्ति हर वक़्त आपके ऊपर गिर रही है ,और आप इससे अनभिज्ञ रहते हैं। मज़े की बात तो यह है कि जब आप खुश या आनंदित होते हैं ,तो यह शक्ति ज्यादा प्रवेश करती है ,और अगर आप दुखी या अवसाद की अवस्था में हैं तो काम प्रवेश करती हैं। क्योंकि आपके दरवाजे बंद या सिकुड़े होते हैं। सुख या आनंद बिस्तृत आयाम देता है जबकि दुःख सिकुड़ता है। एक दुखी आदमी आपसे अक्सर कहेगा -‘मझे छेड़ो मत ,मुझे सो जाने दो ,मुझे मर जाने दो ,मेरे जीने का कोई मतलब नहीं ,वह दरवाज़ा बंद कर लेता है। कमरे को अन्धेरा कर लेता है। एक आनंदित व्यक्ति जब अकेला हो तो ,बैचैन हो उठता है ,वह लोगों के बीच अपनी खुशियों का साझीदार बनाना चाहता है। दुखी व्यक्ति हमेशा तनहा हो जाता है ,जबकि आनंदित आदमी को बहुत मित्र मिल जाते हैं। दुखी आदमी का दुःख बाटने कोई नहीं आता ,अपने में बंद और अकेला ,
और भी प्रेरक कहना पढ़ना ना भूलें==>
असंवाद खलील जिब्रान
लोहा खा गया घुन
सबसे बड़ा वेवकूफ
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आइसोलेटेड यह यंत्र यह भी बताता है कि जब कोई इंसान मौन की अवस्था में होता है ,ऊर्जा की मात्रा बढ़ जाती है। और जब वह बोलता है ,विचार करता है तब ऊर्जा की मात्रा काम हो जाती है। जब कोई शांतचित्त रहता है तब ऊर्जा ज्यादे बरसने लगती है ,पर जब वह टेंस्ड ,चिंतित रहता है तब ऊर्जा काम आणि शुरू हो जाती है। यही नहीं यह अनोखा यंत्र यह भी रिकॉर्ड करता है कि व्यक्ति कितना रिस्पांस कर रहा है प्रतिपल ऊर्जा की कितनी तरंगे छोड़ रहा है। सागर सिर्फ बादलों को पानी देता नहीं ,लेता भी है।बादल भी सिर्फ लेते नहीं ,देते भी हैं। जिंदगी के इस उलझाव को समझना कठिन है। ज्यों की त्यों रख दीन्हि चदरिआ —पर आज के इस अर्थयुग में लोग लेते तो सहर्ष पर दे नहीं पाते ,बाँट नहीं पाते। कहते हैं ,जो जितना लेगा ,जितना देगा ,उतना ही वह जीवंत ,लिविंग होगा।
यह देना और लेना इस संसार में निरंतर चलता रहता है। जल तरंगो की थिरकन को देखिये ,उसके स्पंदन को महसूस करने की कोशिश कीजिये ,जीवन की सार्थकता यहीं परिलक्षित होगी।

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