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पुराने समय के सजा देने के तरीको को जान कर आपकी रूह काँप जाएगी -amazing websites which will change your life

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आज के युग में सजा देने से जहाँ लाखो बार सोचा जाता है,वहीँ पहले ऐसा नहीं था, राज तंत्र था और राजा सजा दिया करते थे, कानून में सजा देने की कोई बंदिशे नहीं थी,वैसे आज भी कुछ मुस्लिमो देशो में क्रूरता से सजा दी जाती है,जबकि विकसित देशो में ऐसा नहीं है, भारत में तो मौत की सजा बहुत कम दी जाती है, देखा जाए तो बिलकुल नहीं.जानते हैं,पहले के जमाने में किस तरह से कैदियों को सजा दी जाती थी, अगर आप जानेंगे तो आपका दिल दहल जाएगा, क्रूरता की पूरी सीमा लांघ दी जाती थी,वैसे आज के समय में अपराधी को जेल या फांसी की सजा सुनाई जाती है. कुछ देशों में जहरीले इंजेक्शंस देने का नियम है. जिसमे दर्द का एहसास बहुत ही कम होता है,लेकिन पहले बेतरबी से यातना दी जाती थी.पुराने समय में सजा देने के तरीकों की बात करें, तो उस दौर में क्रूरता की सारी हदें पार कर दी जाती थी. दुनियाभर के अलग-अलग देशों में अपराध करने पर विभिन्न तरीके की सजा देने का प्रावधान है. दुनिया में कुछ देश तो ऐसे भी जहां अपराध करने पर ऐसी सजा दी जाती है कि देखने वालों की रूह कांप उठती है.
1. पिरामिड की तरह दिखने वाली सीट पर अपराधी को उसके सेंटर पॉइंट पर बैठाया जाता था,फिर अपराधी के शरीर के अलग अलग हिस्सों को रस्सियों से बंधा जाया करता था, उसके बाद रस्सियों को हिलाकर अपराधी के प्राइवेट पार्ट्स को जख्मी किया जाता था.
2. यूँ तो आपने बहुत से बॉलीवुड की मूवीज को देखा होगा जिसमे मौत की सजा देने पर उसको फाँसी लगा दी जाती थी. लेकिन 15 शताब्दी में मौत की सजा देने के लिए रेज़र से भी तेज़ एक ब्लेड हुआ करता था, फाँसी देने के लिए बनाये हुए फ्रेम के बीच कैदी का सिर रखकर ऊपर से ब्लेड को छोड़ा जाता था जिससे अपराधी की गर्दन धड़ से अलग हो जाती थी.
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3. पहले के जमाने में क़ैदियों की पूछताछ के लिए एक लोहे के कैबनिट हुआ करती थी, जिसके अंदर लोहे की किले लगी हुआ करती थी, इसमें अपराधियों को रखा जाता था, और पुछताछ के दौरान उन पर दवाब बनाया जाता था और मना करने पर जेल के अंदर मौजूद हजारों लोहें की किलों पर ढकेला जाता था, जिससें चारों ओर से उन पर लोहे की किलें शरीर में घुस जाती थी,और कैदियों कोई असीम दर्द का एहसास होता था.
4. यूरोप में टॉर्चर करने के लिए अपराधी को एक किलों वाली कुर्सी पर बैठाकर कुर्सी के निचे से आग लगा दी जाती थी. इस किलों वाली कुर्सी के हर एक हिसे में कीलें लगी हुआ करती थी, इस तरीके को 1800 तक ही इस्तेमाल किया गया.
5.क्या आपने ऐसी सजा कर बारे में सुना है जिसमे किसी आदमी के शरीर को बीच में से आधा कर दिया जाता हो. अगर नहीं तो आज हम आपको बता रहे हैं, मध्यकाल में किसी व्यक्ति को टॉर्चर करने के लिए अपराधी के दोनों पैरों को बांधकर उल्टा लटका दिया जाता था, ऐसा करने से अपराधी के शरीर का सारा खून सर में उतर जाता था, उसके बाद अपराधी के बीच में से 2 हिस्से कर दिए जाते थे. इस तरह से बेतरबी से मारा जाता था.

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