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महसूस कर रहे हैं हमेशा थकान तो, ये हो सकता है- health a safety

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हम एक से बढ़कर एक health जगत की खबरें प्रकाशित करते हैं। पेश है इसी कड़ी में आज हम “महसूस कर रहे हैं हमेशा थकान तो, ये हो सकता है”health a safety sites प्रकाशित कर रहे हैं . आशा है आपको ये खबर पसंद आएगी
महसूस कर रहे हैं हमेशा थकान तो, ये हो सकता है……..
शरीर को खाने से ही ऊर्जा मिलती है,और अगर स्वस्थ्य रहना है तो खान-पान पर ध्यान देना होगा. कहा भी गया है की स्वाथय ही धन है. अगर आपका शरीर स्वस्थय है तो आपसे सबसे ज्यादा अमीर हैं. इसके लिए आपको चाहिए की आप समय से और अपने खाने में सारे पोषक तत्व ले, जिससे आप बीमार नहीं पड़ेंगे. लेकिन अगर आपको हमेशा थकान महसूस होता है तो आपको ध्यान देना होगा, क्योंकि आम तौर पर देखा गया है की इस भागती जिंदगी में लोग थकान ज्यादा महसूस करते हैं, लेकिन नींद पूरा कर लेने के बाद थकान खत्म हो जाता है. लेकिन जब थकान नींद लेने, आराम करने या चाय की एक प्याली के बाद भी न मिटे तो यह क्रॉनिक फटीग का लक्षण है. इस रोग में मरीज हमेशा सुस्ती महसूस करता है. सुस्ती का असर उसके मानसिक, शारीरिक व सामाजिक स्तर पर पडता है. व्यस्त दिनचर्या, खराब जीवनशैली, बीमारी, अनियमित व असंतुलित खानपान, वायरल इन्फेक्शन या बायो-साइकोलॉजिकल कारणों से ऐसा हो सकता है. आमतौर पर दिनचर्या बदलने, मनोवैज्ञानिक सलाह लेने, व्यायाम बढाने, डॉक्टर की सलाह पर दवा लेने के अलावा अच्छी नींद लेने से समस्या काफी हद तक ठीक हो जाती है. लेकिन क्रॉनिक फटीग का होना कुछ गंभीर समस्याओं की ओर भी इशारा करता है.आपको बता दे की मुख्य रूप से इन चार बीमारियों में क्रॉनिक फटीग के लक्षण दिखाई देते हैं……………
थायरॉयड-मिडिल एज में खासतौर पर लो-थायरॉयड की समस्या ज्यादा होती है. थायरॉयड ग्लैंड टी 4 और टी 3 जैसे हॉर्मोन बनाती है और मिड एज में यह प्रक्रिया धीमी हो जाती है. चूंकि अन्य प्रक्रियाएं भी धीमी हो जाती हैं, इसलिए इस उम्र में वजन बढने, कब्ज, त्वचा में रूखापन और बाल झडने जैसी समस्याएं होने लगती हैं.
थायरॉयड मिडिल एज में खासतौर पर लो-थायरॉयड की समस्या ज्यादा होती है. थायरॉयड ग्लैंड टी 4 और टी 3 जैसे हॉर्मोन बनाती है और मिड एज में यह प्रक्रिया धीमी हो जाती है. चूंकि अन्य प्रक्रियाएं भी धीमी हो जाती हैं, इसलिए इस उम्र में वजन बढने, कब्ज, त्वचा में रूखापन और बाल झडने जैसी समस्याएं होने लगती हैं.
थायरॉयड है की नहीं ये जानने के लिए, थायरॉयड प्रोफाइल (टी3, टी4, टीएसएच), थायरॉयड एंटीबॉडी, थायरॉयड स्कैन कराएं. टीएसएच थायरॉयड को बढाने वाला हॉर्मोन है. हाई टीएसएच और लो टी 4 का अर्थ है- क्रॉनिक हाइपोथायरॉयड. अगर टीएसएच हाई है और टी 4 नॉर्मल, तब भी हाइपोथायरॉयड हो सकता है.तुरंत डॉक्टर से सलाह ले और इलाज शुरू करवा ले.
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    एनीमिया-आयरन की कमी (एनीमिया) से भी हमेशा सुस्ती बनी रह सकती है. सामान्य तौर पर स्त्रियों को पीरियड्स, प्रेग्नेंसी या ब्रेस्ट फीडिंग के दौरान आयरन की कमी होती है. इसमें त्वचा का रंग पीला पडने लगता है, चिडचिडाहट और सुस्ती होने लगती है, शुगर स्तर भी घटता-बढता है. हालांकि शुगर स्तर डायबिटीज में भी घटता-बढता है. एनीमिया और डायबिटीज दोनों ही समस्याओं में थकान और सुस्ती जैसे लक्षण दिखते हैं.
    एनीमिया है की नहीं ये जानने के लिए हीमोग्राम कराएं, जिसमें हीमोग्लोबिन टेस्ट, ब्लड काउंट, पीटी-आईएनआर, एपीटीटी-पीटीटीके, एबीओ आरएच, सीरम आयरन, आयरन बाइंडिंग कैपेसिटी जैसे टेस्ट शामिल हो सकते हैं.
    हमेशा थकान या सुस्ती की वजह लिवर की समस्या भी हो सकती है, क्योँकि लगातार थकान बनी रहने के कारण लिवर पर प्रभाव पड सकता है. ब्लड ट्रांस्फ्यूजन, कोकीन या ड्रग लेने की हिस्ट्री हो तो हेपेटाइटिस-सी की आशंका हो सकती है. इसमें मरीज को हल्का-हल्का बुखार, भूख न लगना, शरीर में दर्द या फ्लू जैसे लक्षण हो सकते हैं.
    लिवर में अगर किसी तरह की समस्या है तो लिवर फंक्शन टेस्ट के अलावा हेपेटाइटिस-सी के लिए भी ब्लड टेस्ट कराएं.
    और थकान से दिल का रोग भी हो सकता है.लगातार थकान दिल के रोगों का खतरा का भी अंदेशा देती हैं.शोध बताते हैं कि हार्ट अटैक के 70 प्रतिशत मामलों में कुछ हफ्ते पहले से असामान्य थकान का अनुभव होने लगता है. पुरुषों की तुलना में स्त्रियों में ये लक्षण अधिक नजर आते हैं. इसके लिए धूम्रपान और एल्कोहॉल से दूर रहें.संतुलित आहार लें और 30 से 60 मिनट की एरोबिक एक्सरसाइज करें.वजन के अलावा कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखें. ट्रांस-फैट्स का सेवन न करें.
    अगर दिल से जुडी कोई समस्या महसूस होती है तो कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर, शुगर टेस्ट और एंजियोग्राम कराएं. लिपिड प्रोफाइल, ईसीजी, टीएमटी टेस्ट भी कराएं, यदि सांस फूलती हो या कब्ज की समस्या हो तो डॉक्टरी सलाह पर सीटी स्कैन या इकोकार्डियोग्राम (इको और स्ट्रेस इको टेस्ट) करा सकते हैं.
    इस तरह थकान से बचने का प्रयास करे समय से खाना खाये और टेंशन से दूर रहने का कोशिश करे, क्योँकि जान है तो जहान है.
    मैं आशा करता हूँ की आपको ये खबर आपको अच्छी लगी होगी। कृपया इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ फेसबुक और व्हाट्स ऍप पर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। धन्यवाद्। ऐसी ही और कहानियों के लिए देसिकहानियाँ वेबसाइट पर घंटी का चिन्ह दबा कर सब्सक्राइब करें।

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