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तंदुरुस्त रहना है तो ब्रेकफास्ट में केला खाइये-health news articles in hindi

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हम एक से बढ़कर एक Health जगत की खबरें प्रकाशित करते हैं। पेश है इसी कड़ी में आज हम “तंदुरुस्त रहना है तो ब्रेकफास्ट में केला खाइये” health news articles in hindi sites प्रकाशित कर रहे हैं . आशा है आपको ये खबर पसंद आएगी
यूं तो आम टूर पर देखा गया है की बहुत से लोग ब्रेकफास्ट में केला कहते हैं,लेकिन इसे खाने से क्या फायदा होता है, यह शायद ही किसी को पता हो. आपको बता दे की केले में तीन प्रकार की प्राकृतिक शुगर पाई जाती हैं- सूक्रोज, फ्रक्टोज और ग्लूकोज. तमाम रिसर्च से यह साबित हो चुका है कि सिर्फ दो केलों का सेवन करने से 90 मिनट तक ऊर्जावान बने रहा जा सकता है. इस बात का पता इससे लगता है कि दुनिया के प्रमुख खिलाडियों की डाइट में केला नंबर वन फल है. केले से सिर्फ ऊर्जा ही नहीं मिलती, बल्कि ये फिट रहने में भी मदद करता है. रोजाना इसका सेवन करना फायदेमंद होता है.
दूध के साथ केला और शहद मिलाकर पीने से अनिद्रा की समस्या दूर हो जाती है. साथ ही यह शरीर के शुगर लेवल को भी नियमित करता है, जो कि हैंगओवर का रामबाण इलाज है.ब्रेकफस्ट में केला खाने से ऊर्जा बढती है और सूक्रोज, फु्रक्टोज व ग्लूकोज जैसे पोषक तत्व भी मिलते हैं. वे लोग जो व्यस्तता के कारण खाना नहीं खा पाते, अगर केला खा लें तो तुरंत एनर्जी मिलेगी.वे लोग जो डिप्रेशन की बीमारी से ग्रस्त थे, केला खाने के बाद बेहतर महसूस करते थे. यह सिर्फ इसलिए क्योंकि केले में प्रोटीन ट्रिप्टोफैन पाया जाता है, यह वह प्रोटीन है जिसको बॉडी सेरोटानिन में परिवर्तित कर देती है. सेरोटोनिन मानसिक तनावों से राहत देने, मूड में सुधार करने और खुश रखने के लिए जाना जाता है.दो छोटे केलों में फाइबर की मात्रा एक ब्रेड के बराबर होती है.केला बच्चो के लिए भी खूब फायदे मंद होता है. बच्चों में अस्‍थमा का मुख्‍य कारण दूषित वातावरण है. ऐसे में कहा जा सकता है कि आजकल का मौसम बच्चों के लिहाज से बिल्कुल भी ठीक नहीं है. इसके साथ ही कुछ मांएं अपने बच्‍चों को स्‍तनपान नहीं करवाती हैं, जिसका असर बच्‍चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता और उसकी सेहत पर पड़ता है. जिससे वे अस्थमा सहित कई दूसरी बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं.
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अस्थमा श्वास संबंधी रोग है, इसमें श्वास नलिकाओं में सूजन आने से वे सिकुड़ जाती हैं, जिससे सांस लेने में तकलीफ होती है. अस्थमा का अटैक आने पर श्वास नलिकाएं पूरी तरह बंद हो सकती हैं, जिससे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद हो सकती है. लंदन के इंपीरियल कॉलेज द्वारा किए गए एक अध्ययन से यह साबित हो चुका है कि बच्चों को रोजाना सिर्फ एक केला दिया जाए तो 34 प्रतिशत अस्थमा का असर कम हो जाता है. जो बच्चे केला खाना पसंद नहीं करते हैं उन्हें सुबह केले और दही या फिर केले और दूध की स्मूदी बनाकर दी जा सकती है. यकीनन बच्चे इसे काफी पसंद करेंगे,साथ ही यह बहुत फायदेमंद होता है .यही नहीं, यह ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित रखता है. दरअसल, केला लो ब्लड कोलेस्ट्रॉल में फायदेमंद है. इसमें केले में विटमिन सी, ए, पोटैशियम और विटमिन बी होता है. पोटैशियम ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है और किडनी से अवांछनीय पदार्थ भी बाहर निकालता है.केले में पर्याप्त आयरन होता है. यह खून में हीमोग्लोबिन बढाता है. इसलिए जो लोग एनीमिया से पीडित हैं, अगर इसे अपनी डाइट का हिस्सा बना लें तो एनीमिया की शिकायत दूर हो जाएगी.
पोटैशियम से भरपूर इस फल को खाने से मानसिक शक्ति और पढाई में सतर्कता बढती है. इंग्लैंड के ट्विकेन हैम स्कूल में 200 छात्रों ने ब्रेकफस्ट, ब्रेक और दोपहर के भोजन में केला शामिल किया तो पाया कि उनके पढने की क्षमता और ब्रेन पावर पहले की अपेक्षा बढी है.गर्भावस्था के दौरान स्त्रियों को सबसे ज्यादा विटमिंस और मिनरल्स की जरूरत होती है. ऐसे में वे अपने आहार में केला शामिल करें तो शरीर को ऊर्जा भी मिलेगी और ये आसानी से पच भी जाएगा.
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