ga('send', 'pageview');
Articles Hub

बेइज्जती-insult a new type of love story with the taste of revenge

बेइज्जती
insult a new type of love story with the taste of revenge
insult a new type of love story with the taste of revenge, true love story in hindi in short, true sad love story in hindi language, hindi love story in short love, love story novel in hindi language, romantic love stories in hindi language
अनिल और सुंगधा इंदौर के एक कंपनी में काम करते थे पर दोनों का काम अलग अलग था, लेकिन दोनों में कभी कभी बात-चीत हुआ करती थी। सुंगधा हमेशा अपने आप से मतलब रखती थी, वह ज्यादा किसी से बात नहीं करती थी, हमेशा अपने आप में सिमित रहती थी। अनिल ने पता करने की कोशिश की, क्या यह सुंगधा का स्वभाव ही ऐसा है या कोई बात है? पता करने के बाद उसे पता चला की सुंगधा पहले सबसे बात किया करती थी, वह बहुत हसमुख और खुशमिजाज लड़की थी लेकिन बचपन में ही उस की शादी हो गयी थी, जो टूट चुकी है, इसलिए वह अब चिड़चड़ी हो गयी है, . उसका स्वभाव ऐसा हो गया है, यह सब सुन कर अनिल को बहुत दुःख हुआ, उसने सुगंधा को खुश रखने की कोशिश करने लगा, और उससे हँसी -मजाक करने लगा। सुंगधा को यह अच्छा नहीं लगता था, लेकिन वह कुछ बोलती भी नहीं थी, अनिल हमेशा कोशिश करता था की सुंगधा खुश रहे, और वह अपनी कोशिश में कामयाब हो गया। धीरे धीरे सुगंधा भी खुलने लगी, और वह अनिल को पसंद करने भी लगी, कुछ महीनो के बाद अचानक से सुगंधा ने अनिल से शादी की बात की, हलाकि उसने अपनी सच्चाई अनिल को बता दी थी, अनिल कुछ देर सोचता रहा फिर हामी भर दी, इधर जब सुंगधा की सच्चाई अनिल के घर वालो को पता चली तो वो शादी के लिए तैयार नहीं थे, लेकिन अनिल कोशिश कर रहा था की उसके घर वाले शादी के लिए मान जाए, तभी कंपनी में भी सभी को पता चल गया की दोनों एक दूसरे को पसंद करते हैं और अफवाह फैलने लगी, तभी सुंगधा को सरकारी नौकरी लग गयी, अनिल खुश था, उसने सुंगधा को ज्वॉइन करने को कहा, लेकिन सुंगधा अनिल को छोड़ कर कहीं और नहीं जाना चाहती थी, अनिल ने समझाया की सरकारी नौकरी मिलती नहीं है, अगर मिली है तो कर लो, अनिल के कहने पर सुंगधा ने नौकरी कर ली अब दोनों के बीच मुलाकात बंद हो गयी,सुंगधा के मम्मी-पापा, उसके सरकारी नौकरी होने के बाद लड़का सरकारी जॉब वाला या पैसे वाला ढूंढने लगे, इसलिए सुंगधा के लिए रिश्ता आने लगा, लेकिन सुंगधा ने कहा की वह अनिल से शादी करेगी, इधर अनिल ने बदनामी की वजह से कंपनी छोड़ कर भोपाल आ गया, लेकिन दोनों फ़ोन पर हमेशा बात करते थे। सुंगधा हमेशा चाहती थी की वह वापस इंदौर आ जाए वहीँ किसी कंपनी में काम करे और शादी कर ले। उसने कहा की वह अब उसके बिना रह नहीं सकती,इसलिए अनिल ने भी भोपाल में एक सरकारी नौकरी ज्वॉइन कर ली, सुंगधा ने अनिल के जॉब ज्वॉइन करने के बाद अपने मम्मी-पापा, से शादी की बात की लेकिन उसके मम्मी-पापा अनिल के अमीर ना होने के कारण शादी के लिए तैयार नहीं थे, लेकिन सुंगधा के बार-बार कहने पर उसके मम्मी-पापा बुझे मन से या यूँ कह ले की बेमन से तैयार हो गए। इधर यही बात अनिल के साथ भी हुई, वो कहते हैं ना “जब मिया -बीवी राज़ी तो क्या करेगा क़ाज़ी”, दोनों ने शादी कर ली, दोनों शादी के बाद खुश भी थे, जिंदगी अच्छे चल रही थी, लेकिन सुंगधा के मम्मी-पापा ने दिल से कभी भी अनिल को नहीं अपनाया, ना ही अनिल के माता-पिता ने सुंगधा को। खैर दोनों खुश थे इसलिए को कुछ बोल नहीं रहा था, शादी के दो सालो के बाद सुंगधा के छोटे भाई वरुण की शादी तय हुई, जिसमे वरुण को काफी दहेज मिला, वरुण के माता-पिता दहेज पा कर खुश थे, उन्होंने शादी में बहुत खर्च किया, सुंगधा को भी पैसे मिले उसने भी शॉपिंग की, वरुण के लिए भी कपडे ख़रीदे, करीब दो महीने तक शॉपिंग हुयी। अनिल को भी ससुराल बुलाया गया, अनिल सगुन के दिन अपने ससुराल पहुंचा, और सगुन का ताम-झाम देख कर उसे समझ में आ गया की काफी खर्च किया गया है, लेकिन अनिल को यह एहसास दिलाया जा रहा था की तुम हमारे परिवार के लायक नहीं हो,
और भी रोमांटिक प्रेम कहानियां “the love story in hindi” पढ़ना ना भूलें=>
अनोखा प्रेम-strange love a new short love story for young readers
मोहब्बत की कीमत-Price of love a new short love story in hindi language with emotional end
एक छोटी सी प्रेम कहानी-A small love story of a middle class boy in hindi language
insult a new type of love story with the taste of revenge, true love story in hindi in short, true sad love story in hindi language, hindi love story in short love, love story novel in hindi language, romantic love stories in hindi language

उसे छोटी छोटी बात में भी जलील किया जा रहा था, अनिल समझ रहा था, लेकिन चुप चाप था, शादी के दिन सभी घर वाले बरती के लिए गाडी में बैठ गए और अनिल को छोड़ दिया गया, अनिल के लिए जगह नहीं था, और उसे बताया गया की गाडी कम होने की वजह से जगह नहीं है, इसलिए उसे गाडी के डिक्की में बैठना पड़ा, इस बात से अनिल को समझ में आ गया की उसे बुला कर जान-बुझ कर बेइज्जत किया जा रहा है। वह कुछ नहीं बोला, बारात से वापस आने के बाद उसने अपनी सास से सीधे सीधे बोला की आपने मुझे बुला कर बेइज्जत किया है, उसकी सास ने कहा की आप गलत समझ रहे हैं, ऐसा कुछ नहीं है, आप बेवजह गुस्सा कर रहे हैं,इस पर अनिल ने कहा की आप मुझे बेइज्जत करे, और मैं गुस्सा भी ना करू, इस पर उसकी सास ने कहा की आपको किसी ने बेइज्जत नहीं किया। डिक्की में बैठ ही गए तो क्या हुआ, आपको बारात जाने के लिए गाडी तो मिल गयी ,हलाकि यह सब सुंगधा के सामने ही हो रहा था, और उसने अनिल की बात में हाँ में हाँ मिलाया,सुंगधा के माँ ने सुंगधा को समझा दिया की ऐसा कुछ नहीं है, तुम समझदार हो और सीट नहीं थी तो डिक्की में बैठना क्या गलत है, सुंगधा यह बात मान गयी, बेइज्जत वाली बात जब अनिल ने सुंगधा से कही, तो सुंगधा ने भी अनिल को कह दिया की आप बेवजह बात को बढ़ा रहे हैं, मेरे मम्मी-पापा ऐसे नहीं हैं, आप ही गलत समझ रहे हैं। अब अनिल को समझ में आ गयी थी की उसने क्या गलती की वह बिना कुछ बोले ससुराल से भोपाल लौट गया और लौटते हुए उसके दिमाग सिर्फ इतना ही ख्याल आ रहा था की अब वह अपने ससुराल के लोगो से दुरी बना के रखेगा…

मैं आशा करता हूँ की आपको ये story आपको अच्छी लगी होगी। कृपया इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ फेसबुक और व्हाट्स ऍप पर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। धन्यवाद्। ऐसी ही और कहानियों के लिए देसिकहानियाँ वेबसाइट पर घंटी का चिन्ह दबा कर सब्सक्राइब करें।

Tags-insult a new type of love story with the taste of revenge, true love story in hindi in short, true sad love story in hindi language, hindi love story in short love, love story novel in hindi language, romantic love stories in hindi language

80%
Awesome
  • Design
loading...
You might also like