ga('send', 'pageview');
Articles Hub

बचपन का प्यार-love of childhood a new short love story in hindi language of two children

love of childhood a new short love story in hindi language of two children
love of childhood a new short love story in hindi language of two children, true love story in hindi in short,true sad love story in hindi language, hindi love story in short love, love story novel in hindi language, romantic love stories in hindi language
अविनाश का जन्म इंदौर में ही हुआ था, उसके पापा वही नौकरी करते थे, उन्होंने अविनाश का एडमिशन इंदौर के एक अच्छे स्कूल में करवाया, जहाँ वह अच्छे से पढ़ाई कर रहा था, उसी के क्लास में स्नेहा भी पढ़ा करती थी, दोनों बच्चे थे तो आपस में बात भी करते थे, लड़ा भी करते थे, फिर दोनों वक्त के साथ साथ आगे बढ़ते चले गए, और दसवीं तक साथ ही पढ़े, लेकिन दोनों के बीच प्यार वाली फीलिंग नहीं थी, हलाकि उस समय उसकी उम्र भी कम थी, इसलिए दोनों अच्छे दोस्त बन कर रह गए, फिर दोनों स्कूल छोड़ने के बाद अलग अलग हो गए और दोनों की कभी मुलाकात नहीं हुई। दोनों अपनी अपनी जिंदगी में व्यस्त हो गए, संयोग कह ले या फिर विधि का विधान कह ले, दोनों एक बार फिर पांच साल के बाद एम० कॉम की पढ़ाई के लिए एक ही टीचर के पास पहुंचे, जहाँ दोनों की निगाहें मिली, दोनों एक दूसरे को देखते रहे फिर पहचानने की कोशिश करने लगे, अचानक अविनाश को याद आया की यह तो स्नेहा है, क्लास खत्म होने के बाद अविनाश ने सीधे कहा की तुम स्नेहा हो ! स्नेहा ने भी मुस्कुराते हुए कहा, तुम अविनाश हो ! फिर तो दोनों काफी देर तक बाद किया, पिछले पांच साल में क्या क्या किया , ये सभी बात किया, यह बात दोनों को समझ में आ गयी थी दोनों की जिंदगी में कोई नहीं है, फिर भी अविनाश ने स्नेहा से पूछा की और क्या हो रहा है?
और भी रोमांटिक प्रेम कहानियां “the love story in hindi” पढ़ना ना भूलें=>
बचपना-Childhood memories of a simple couple love story in hindi language
प्यार का अंत-The end of love a new sweet love story in hindi language
इज़हार-express a new Love story in hindi language of an one sided lover
love of childhood a new short love story in hindi language of two children, true love story in hindi in short,true sad love story in hindi language, hindi love story in short love, love story novel in hindi language, romantic love stories in hindi language

कोई नयी खबर, स्नेहा ने कहा, नहीं ऐसी कोई बात नहीं है, पूछना क्या चाहते हो? इस पर अविनाश ने पूछा, कोई बॉय फ्रेंड? स्नेहा ने मुस्कुराते हुए कहा की नहीं ! फिर स्नेहा ने अविनाश से पूछा की तुम्हारी कोई गर्ल फ्रेंड बनी? अविनाश ने कहा, तुम्हारा ही इंतजार कर रहा हूँ. इस पर स्नेहा हसने लगी। उसे भी मालूम था की अविनाश झूट बोल रहा है, लेकिन वह कुछ नहीं बोली और दोनों अपने अपने घर चले गए, करीब दो साल फिर साथ पढ़ने के बाद दोनों एक बार फिर जुदा हो गए, लेकिन इस बार दोनों आगे की जिंदगी साथ बिताने के लिए या यूँ कह ले साथ रहने के लिए अलग हुए थे, दोनों ने यह तय कर लिया था की दोनों जॉब करेंगे, अपने पैरो पर खड़े हो जायेंगे, फिर शादी कर लेंगे, क्योँकि उन्हें यह मालूम था की इस शादी को शायद उनके परिवार वालो की सहमति ना मिले, इसलिए उन दोनों ने फैसला ले लिया, करीब एक साल के बाद स्नेहा को एक्सिस बैंक में नौकरी मिल गयी, वहीँ अविनाश नौकरी तलाश ही कर रहा था, काफी समय के बाद भी उसे मन लायक नौकरी नहीं मिल रही थी, इधर स्नेहा के परिवार वाले उस पर शादी का दवाब डाल रहे थे,स्नेहा बार बार अविनाश को कह रही थी, आखिर कार अविनाश को एयर पोर्ट में अकाउंटेंट की नौकरी मिल गयी, और दोनों अपने अपने परिवार वालो से बात की और दोनों की शादी तय करके शादी कर दी गयी, इस तरह काफी मशक्कत के बाद दोनों ने बचपन का प्यार पा लिया

मैं आशा करता हूँ की आपको ये story आपको अच्छी लगी होगी। कृपया इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ फेसबुक और व्हाट्स ऍप पर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। धन्यवाद्। ऐसी ही और कहानियों के लिए देसिकहानियाँ वेबसाइट पर घंटी का चिन्ह दबा कर सब्सक्राइब करें।

Tags-love of childhood a new short love story in hindi language of two children, true love story in hindi in short,true sad love story in hindi language, hindi love story in short love, love story novel in hindi language, romantic love stories in hindi language

80%
Awesome
  • Design
loading...
You might also like