Articles Hub

love story in bhojpuri-प्यारवा ज पूरा न हो सकल

love story in bhojpuri

इ कहानी है एगो लइका के ह ओकर नाम रहे शुभम उ लोगवा सबके नौकरी दिलावत रहे| शुभमवा के जिंदगी बड़ा अच्छा गुजरते रहे | लोगवा सब ओकर बाड़ा तारीफ करत रहलन| पिछले साल होलिआ में ओकर ओफ्फिसवा में एगो लौंडिया आयिल नौकरी ला ओकर नाम ट्विंकल रहे| ऊ बेगुसराई के रहे वाली लड़की रहे एगो लइका जे कर नाम मोहन रहे ले के आइल रहे वहा से | ऊ लड़किया जब शुभम के देखलक तो ओकरा से पहली बार में ही प्यार भ गइल| शुभमवा क ई बात न पता रहे ऊ ऊ लईकी के जैसे सबके साथ व्यबहार करे वैसे ही करे सब से अनजान हो के| ऊ लड़किया ओकरा से मिल क वापिस चल गइल| शुभमवा वापिस अपन काम में लागल रहे तभी कुछ दिन बाद शुभमवा के ऊ लड़किया के कॉल आइल, ऊ लड़किया बोललक शुभमवा से की ऊ घर छोर के आ गइल बिया पटना ओकर नौकरी लगवा दी| त शुभमवा कहलक की जब बुलइले रहनी तो कहे न आइलु त ऊ लड़किया बोललक की मोहनवा ना आए देहलाक , त शुभमवा पुछलक की त अब कैसे आए देहलाक त लड़किया बोललक की ऊ पटना में वापिस बुला के ओकरा संगे गलत करे क कोशिस कएलक एहीसे ऊ वह से जहा ऊ लइका रूम दिलेले रहे छोर देहलाक| त शुभमवा पुछलक की ऐजा कहा रहत बाड़ू, त ऊ लड़किया बोललक की हम हॉस्टल में रूम लेले बानी| त शुभमवा बोललक की घर कहे न चल जात बाड़ू, त लड़किया बोललक की ओकर बापू कहलन की अगर ऊ घरवा से बाहर कदम रखलिश त ओकर घर से कुछ लेवे देवे के न रही रिस्ता खत्म हो जाई| ऊ टाइम ऊ लड़किया मोहनवा पे विस्वास कर के घर से निकल गइल. जब पटना पहुँचलाक तब ओकरा सचाई पता चलल. और ऊ यहा शुभमवा के अलावा केहू के न जानत रहे ऐसे ऊ शुभमवा से बात कइलाक़| शुभमवा ओकर मदद कइलाक़ ओकर जॉब जब लगावे खातिर जब कम्पनिया में भेजलक त शुभमवा क पता चलल की ऊ लड़किया शादी सुदा ह शुभमवा के कोई मतलब लड़किया से रहे न त ऊ ध्यान न देहलाक ई बतवा पर जब ऊ लड़किया के शुभमवा सेटल क्र देहलाक त कुछ दिन बाद फिर ऊ लड़किया कॉल कइलाक़ लेकिन जॉब ला ना ऐसेही बात करेला शुभमवा ओकरा से आराम से बात कइलाक़ जैसे ओकरा कुछ मालूम ही ना होके| लड़किया ओकरा से रोज पूछे कॉल कर कर के की खाना खएलक की ना, ऊ कइसन लड़की पसंद करेला, ओकरा का खाये में पसंद ह शुभमवा हर बार ओकरा टालत रहे और ऊ लड़किया शुभमवा के पीछे परल रहे ईहा तक की ऊ लड़किया एगो लड़की से शुभमवा की बातो करवइलाक़ और कहलक की लड़की रउरा ला ठीक बा शुभमवा सोच में पर गइल की लड़किया चाहत का बिया फिर शुभमवा सोचलक की ओकरा जब कुछ लेवे देवे के बा ही ना तो इतना कहे सोचत बा ऊ इग्नोर कर देहलाक. फिर एक दिन ऊ लड़किया शुभमवा क बोल देहलाक की ऊ ओकरा से प्यार करत ह शुभमवा मना कर देहलाक | ओकर बाद ऊ लड़किया के फोनवा कभी ना आइल शुभमवा के पास | शुभमवा ओकरा भूल गइल और आगे बढ़ गइल अपन जिंदगी में| फिर ५-६ महीना बाद ऊ लड़किया का कालवा दुबारा आइल त शुभमवा पुछलक बड़ा दिन बाद कॉल कइलू त ऊ बोललक हाँ मन करत रहे बात करे के, त शुभमवा ओकर हाल चाल पुछलक ओकरा बाद ऊ लड़किया बोललक की ओकरा कुछ बात करेके बा त शुभमवा कहलक बोल का कहेके बा त ऊ लड़की बतेलक की ओकर शादी।।।

ये देसि कहानी अगली पेज में जारी है, आगे पढ़ने के लिए निचे क्लिक करें।




loading...
You might also like