ga('send', 'pageview');
Articles Hub

तारा शिशु-moonchild an interesting hindi story of oscar wilde

तारा -शिशु -ऑस्कर वाइल्ड –
moonchild an interesting hindi story of oscar wilde,inspirational story in hindi,inspirational story in hindi for students, motivational stories in hindi for employees, best inspirational story in hindi, motivational stories in hindi language
एक समय की बात है कि दो लकड़हारा पाइन फारेस्ट से गुजर रहे थे। शरद ऋतु थी। रात अत्यधिक ठंढी। यहाँ तक कि पशु -पक्षी भी बैचेन थी कि इस भयंकर ठंढ से कैसे निपटा जाये। उनका मानना था कि बर्फ की मोटी परत शायद धरती का वैवाहिक परिधान हो।भैड़ा ने इसे नॉनसेन्स कहा। खरगोश अपनी बिलों से सर्द कारण बा हर नहीं निकल पा रहे थे। दोनों लकड़हारा आपस में बात रहे थे। उन्हें अपनी गरीबी और लाचारगी याद आ रही थी। अच्छा होता इस कड़ाके की ठंढ में हमारी मौत हो जाती। किसी जंगली जानवर का ही ग्रास बन जाते। उसी समय स्वर्ग से एक सुन्दर और चमकता हुआ तारा धरती पर उनके सामने गिरा। उन्हें लगा कि शायद सोने का गोला गिरा हो और दोनों उसे पाने के लिए उधर ही दौड़ पड़े। यह सचमुच कई तहों में लिपटा गोल्डन टिशूज था पर आश्चर्य ,जब परतों को खोला तो उसमे लिपटा एक शिशु सो रहा था। एक ने कहा -इसे यहीं छोड़ देते हैं। अपने बच्चे का तो पेट भरता नहीं ,इस बच्चे को कहाँ ले जाएँ . दूसरे ने कहा- नहीं ,यह एक अपशकुन होगा अगर इस बच्चे को छोड़ देते है तो हम गरीब जरूर है। जैसे मेरे बच्चे पल रहे हैं वैसे ही उसी में यह बच्चा भी पल जाएगा। मेरी पत्नी इसे भी पाल लेगी। उस लकड़हारे की पत्नी ने उस बच्चे को चूमा पर उसने कहा कि इस गरीबी में इसे कैसे पालेंगे ? ईश्वर भी सभी प्राणी का ख़याल रखते हैं। सभी जलती अलाव के नज़दीक आ गए क्योंकि सर्द हवाएं चल रही थी। इस प्रकार तारा -शिशु का पालन -पोषण होने लगा। वह धीरे -धीरे बड़ा होने लगा ,सुन्दर ,अति सुन्दर पर पर स्वभाव से घमडी ,स्वार्थी और क्रूर वह अन्य बच्चों को अपने से हीं समझता लकड़हारा और उसकी बीबी अक्सर उसकी इन हरकतों पर उसे डाँटते पर तारा -पुत्र पर इसका कोई असर नहीं पड़ता। एक दिन एक भिखारिन उस गाँव से गुजर रही थी। उसकी शारीरिक और मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। जब तारा -पुत्र ने उस भिखारिन औरत को देखा तब उसने अपने मित्रों के साथ उसे भगाने की सोची। जब लकड़हारे ने अपने पुत्र के इस कृत्य के बारे में सूना तब उसने उसे डांट पिलाई और उसे इस तरह का व्यवहार नहीं करने की हिदायत दी। लकड़हारा उस औरत को अपने घर ले गया। क्योंकि वह नीचे गिर पड़ी थी। उसे पहले खिलाया -पिलाया गया। अब वह थोड़ा स्वस्थ लग रही थी। उसने अपने बच्चे को ठीक दस साल पहले इसी जंगल में खोया था और उसी दिन लकड़हारे को यह शिशु मिला था। जिसके गले में अम्बर का चेन था। वह रोने लगी थी क्योंकि यही तारा -शिशु उसका बच्चा था। उसने कहा -मै तुम्हारी माँ हूँ तारा -शिशु ने क्रोध में आकर कहा -‘ तुम भिखारिन हो ,मैं कैसे तुम्हारा बेटा हो सकता हूँ ?
और भी प्रेरक कहना पढ़ना ना भूलें==>
विश्वास-Believe a new short love story of a simple couple in hindi language
दूसरे देश में-in the other country a new short motivational story by Ernest Hemingway
गलती-mistake a new short love story in hindi language of the time
moonchild an interesting hindi story of oscar wilde,inspirational story in hindi,inspirational story in hindi for students, motivational stories in hindi for employees, best inspirational story in hindi, motivational stories in hindi language
नहीं तुम ही मेरे बेटे हो लुटेरों ने तुम्हे मुझसे छीन लिया था और बाद में शायद तुम्हे मरने के लिए इस जंगल में छोड़ दिया था -उसने कातर शब्दों में कहा। नहीं मै तारा -पुत्र हूँ किसी भिखारिन का बेटा नहीं -उसने गुस्से में कहा। निराश होकर वह औरत रोती हुयी जंगल की तरफ चल पड़ी। उसके साथी बच्चों ने उसकी बेरुखी और क्रूर व्यवहार देख कर सबों ने नाराज़गी दिखाते हुए उसके साथ खेलने से इंकार कर दिया। और उसे बगीचे से बाहर कर दिया। वह कुँवें के पास गया और जैसे ही शिकायर भरे लहजे में अंदर झांका उसका चेहरा एक मेढक की तरह की तरह नज़र आया। वह यह देखकर भयभीत हो गया और घास पर लेटकर रोने लगा। उसे अपने कृत्य पापों पर प्रायश्चित होने लगा। और अपनी माँ को ढूढ़ने निकल पड़ा। वह जंगल में जोर -जोर से माँ ,माँ चिल्लाता रहा पर उसकी माँ उससे दूर चली गई थी। उसके पास जानवर और पक्षी भी दूर भागने लगे क्योंकि उससे वे नफरत करने लगे थे. उसने गिलहरी सभी से अपनी माँ के बारे में पूछा। वह जब गाँव से गुजर रहा था तब बच्चों ने उसपर पत्थर फेंके। किसी को भी उसके हालात पर दया नहीं थी। वह तीन बर्षों तक पूरी दुनिया अपनी माँ को ढूँढ़ता रहा एक जादूगर ने सफ़ेद सोना लाने को कहा और वह अगर नहीं ला सका तो उसे गुलाम बना लिया जाएगा। सूर्यास्त के पहले उसे यह काम करना था। एक व्यक्ति ने दया करके उसे सफ़ेद सोने का टुकड़ा दे दिया। उसने फिर पीला सोना लाने को कहा। वह एक खरगोश के सामने अपना दुखड़ा सुनाकर रोने लगा। उसने पीले सोने का एक टुकड़ा दे दिया।उस जादूगर ने फिर लाल सोने का टुकड़ा लाने को कहा। वह फिर उस खरगोश के पास आकर रोने लगा। उसे लाल सोने का टुकड़ा दिया। फिर महल का गेट खुल गया.और सभी उसकी तरफ दौड़ पड़े। वह कहता रहा कि वह किसी राजा का बेटा नहीं बल्कि एक भिखारिन का बेटा है वहाँ उसकी माँ कड़ी मिली। बगल में राजा खड़े मिले। चारों तरफ़ सैनिक। यह सब करतूत उस काले जादूगर का था जिसने अपने काले जादू से यह सब खेल रचा

मैं आशा करता हूँ की आपको ये story आपको अच्छी लगी होगी। कृपया इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ फेसबुक और व्हाट्स ऍप पर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। धन्यवाद्। ऐसी ही और कहानियों के लिए देसिकहानियाँ वेबसाइट पर घंटी का चिन्ह दबा कर सब्सक्राइब करें।

Tags-moonchild an interesting hindi story of oscar wilde,inspirational story in hindi,inspirational story in hindi for students, motivational stories in hindi for employees, best inspirational story in hindi, motivational stories in hindi language

80%
Awesome
  • Design
loading...
You might also like