Articles Hub

motivational stories for students to work hard

1.
(चांदी की परत)
motivational stories for students to work hard,inspirational story in hindi,inspirational story in hindi for students, motivational stories in hindi for employees, best inspirational story in hindi, motivational stories in hindi language
प्राचीन नगर का एक बहुत धनी युवक धर्म गुरू के पास गया और पूछा कि कि ”उसे अपने जीवन में क्या करना चाहिए?“
धर्म गुरू उस धनी युवक को अपने कमरे की खिड़की तक ले गए और पूछा ”तुम्हें कांच के उस पार क्या दिख रहा है?
उसका जवाब था- ” सड़क पर लोग आ जा रहे है। और एक बेचारा अंधा व्यक्ति भीख मांग रहा है।
इसके बाद धर्म गुरू ने उसे एक बड़ा सा दर्पण दिखाया और पूछा ”अब इस दर्पण में देखकर बताओं कि तुम्हें क्या दिख रहा हैं?
धनी युवक का जवाब था ”इसमें मैं खुद को देख रहा हूं।
”ठीक है! दर्पण में तुम दूसरों को नहीं देख सकते। तुम जानते हो कि खिड़की में लगा कांच और यह दर्पण एक ही मूल पदार्थ से बने है।
तुम स्वंय की तुलना कांच के इन दोनों रूप से करके देखों। जब यह साधारण है कि तो तुम्हें सभी दिखते है। और उन्हें देखकर तुम्हारे भीतर करूणा जागती है। और जब इस कांच पर चांदी का लेप हो जाता है तो तुम केवल स्वंय को देखने लगते हो।
तुम्हारा जीवन भी तभी महत्वपूर्ण बनेगा जब तुम अपने आंखों पर लगी चांदी की परत को उतार दों। ऐसा करने के बाद ही तुम अपने लोगों को देख पाओगे और उनसे प्रेम कर पाओगे।
धनी युवक ने धर्म गुरू की यह बात सुनकर उनके चरण पकड़ लिए।

और भी प्रेरक कहना पढ़ना ना भूलें==>
बदलाव की एक प्रेरक कहानी
चालक भेड़िये और खरगोश की प्रेरक कहानी
कोयल और मोर की प्रेरणादायक कहानी
2.
(चार कीमती रत्न)
motivational stories for students to work hard,inspirational story in hindi,inspirational story in hindi for students, motivational stories in hindi for employees, best inspirational story in hindi, motivational stories in hindi language
एक वृद्ध संत ने अपनी अंतिम घड़ी नज़दीक देख अपने बच्चों को अपने पास बुलाया और कहा, मैं तुम बच्चों को चार कीमती रत्न दे रहा हूँ, मुझे पूर्ण विश्वास है कि तुम इन्हें सम्भाल कर रखोगे और पूरी ज़िन्दगी इनकी सहायता से अपना जीवन आनंदमय तथा श्रेष्ठ बनाओगे।
1~पहला रत्न है: “माफी”
तुम्हारे लिए कोई कुछ भी कहे, तुम उसकी बात को कभी अपने मन में न बिठाना, और ना ही उसके लिए कभी प्रतिकार की भावना मन में रखना, बल्कि उसे माफ़ कर देना।
2~दूसरा रत्न है: “भूल जाना”
अपने द्वारा दूसरों के प्रति किये गए उपकार को भूल जाना, कभी भी उस किए गए उपकार का प्रतिलाभ मिलने की उम्मीद मन में न रखना।
3~तीसरा रत्न है: “विश्वास”
हमेशा अपनी महेनत और उस परमपिता परमात्मा पर अटूट विश्वास रखना क्योंकि हम कुछ नहीं कर सकते जब तक उस सृष्टि नियंता के विधान में नहीँ लिखा होगा। परमपिता परमात्मा पर रखा गया विश्वास ही तुम्हें जीवन के हर संकट से बचा पाएगा और सफल करेगा।
4~चौथा रत्न है: “वैराग्य”
हमेशा यह याद रखना कि जब हमारा जन्म हुआ है तो निशिचत ही हमें एक दिन मरना ही है। इसलिए किसी के लिए अपने मन में लोभ-मोह न रखना।
मैं आशा करता हूँ की आपको ये story आपको अच्छी लगी होगी। कृपया इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ फेसबुक और व्हाट्स ऍप पर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। धन्यवाद्। ऐसी ही और कहानियों के लिए देसिकहानियाँ वेबसाइट पर घंटी का चिन्ह दबा कर सब्सक्राइब करें।

Tags-motivational stories for students to work hard,inspirational story in hindi,inspirational story in hindi for students, motivational stories in hindi for employees, best inspirational story in hindi, motivational stories in hindi language

80%
Awesome
  • Design
loading...
You might also like