Articles Hub

motivational story for work in hindi-एक कबूतर की प्रेरक कहानी

motivational story for work in hindi

hindi language,hindi motivational story in hindi,moral stories in hindi with pictures,motivational story in hindi,positive thinking in hindi story,प्रेरक कहानियां,हिंदी प्रेरक कहानी,

देसिकहानियाँ में हम हर दिन एक से बढ़कर एक अजब गजब प्रेरणादायक कहानिया प्रकाशित करते हैं। इसी कड़ी में हम आज ” motivational story for work in hindi” प्रकाशित कर रहे हैं। आशा है ये आपको अच्छी लगेगी।

लेखक – अशफ़ाक

एक बहुत पुराने किले में कई सारे कबूतर रहे थे, और सब साथ में ही रहते थे, वहीं पर एक कबूतर का परिवार भी रहता था. वो परिवार कबूतरों में सबसे बड़ा परिवार था. उसमें कई सारे कबूतर रहते थे, लेकिन उनमें से कुछ कबूतरों की आपस में नहीं बनती थी. कुछ दिनों के बाद वो अलग हो गए और दुसरे-दुसरे घोंसोलो में रहने लगे. उनमें से एक के दो बच्चे थे, वो अक्सर अपने पापा को घर में एक दुसरे कबूतरों के साथ लड़ते देखते थे, इस वजह से वो दोनों कबूतर भी आपस में लड़ने लगे. दोनों छोटी-छोटी बातों के लिए लड़ जाते और एक दुसरे से हमेशा बदला लेने की ताक में रहते थे. एक दिन दोनों कबूतर साथ में उड़ रहे थे, तभी उनमें से एक कबूतर को कुछ अच्छा खाने को दिखाई दिया, इसके बाद दुसरे कबूतर की भी नजर उस पर पड़ी, दोनों कबूतर उस खाने की चीज पर टूट पड़े, लेकिन जो पहले देखा था वहीं उसे सबसे पहले पकड़ लिया और खाने लगा, दूसरा उसे देखता ही रह गया. उसने उससे खूब विनती की लेकिन वो नहीं सुना, और पूरा का पूरा खा गया, सुनता भी कैसे , दोनों की कभी बनती ही नहीं थी. इसके बाद से दूसरा वाला पहले वाले से बदला लेने की मौके ढूंढता रहता. आखिर कार एक दिन उसे मौका मिल ही गया. एक दिन दोनों घुमने जा रहे थे.तभी दूसरे वाले को एक अद्भुतसा फल दिखाई दिया,वो फल देखने में बहुत ही ज्यादा चमकीला था और बेहद खुबसूरत भी दिख रहा था.
और भी motivational story for work in hindi के लिए लिंक्स पर क्लिक करें

एक अंधे की प्रेरणादायक कहानी
एक खास बैंक खाता
अकबर बीरबल और सोने का खेत
एक दयालु लड़के की प्रेरक कहानी

hindi language,hindi motivational story in hindi,moral stories in hindi with pictures,motivational story in hindi,positive thinking in hindi story,प्रेरक कहानियां,हिंदी प्रेरक कहानी,

जैसे ही दुसरे वाले की नज़र उस अद्भुत फल पड़ पड़ी वो तुरंत उस पर लपकने के लिए भागा, पहले वाले की भी नजर उस फल पर पड़ गई थी और वो भी उसे पाने की लिए भाग रहा था, तभी वहां बैठे एक तोते ने दोनों कबूतरों को वो फल खाने के लिए मना किया, तोते ने बोला कि ये जहर है इसे मत खाना, पहला वाला थोड़ा होशियार था वो समझ गया की ये जहर है लेकिन दुसरे वाले को बदला लेना था, वो किसी की भी बात नहीं सुना और फल उठा कर उड़ गया, उसने सोंचा की मैं ये फल सब को खिलाऊंगा और उसे नहीं दूंगा. सब की नजर में मैं अच्छा बंजाऊंगा. दूसरा वाला कबूतर अपने घर गया और सबको वो फल खिलाया, सिर्फ पहले वाले कबूतर को नहीं दिया, सब ने वो फल अच्छे से खाया. जैसे ही पहला वाला कबूतर घर आया और सबको वो फल खाने के लिए मना किया, लेकिन बहुत देर हो चुकी थी. सबने फल खा लिया था और सब के सब मर गए. दूसरा वाला कबूतर भी मर गया. कहानी से सीख :- “आजकल एक ही परिवार के लोग एक दूसरे से बहुत ईर्ष्या करते हैं, एक दूसरे से दुश्मनी रखते हैं। लेकिन जब भी वह एक दूसरे को नुकसान पहुँचाने का सोचते हैं या एक दूसरे से बदला लेने का सोचते हैं तो नुकसान पूरे परिवार का ही होता है। इसलिए एक दूसरे से मिल जुल कर रहें क्योंकि अगर परिवार का एक भी सदस्य गलत काम करे तो नुकसान पूरे परिवार का होता है।” मैं आशा करता हूँ की आपको ये “motivational story for work in hindi” कहानी आपको अच्छी लगी होगी। कृपया इसे अपने दोस्तों रिश्तेदारों के साथ फेसबुक और व्हाट्स ऍप पर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। धन्यवाद्। ऐसी ही और कहानियों के लिए देसिकहानियाँ वेबसाइट पर घंटी का चिन्ह दबा कर सब्सक्राइब करें। इस कहानी का सर्वाधिकार मेरे पास सुरक्छित है। इसे किसी भी प्रकार से कॉपी करना दंडनीय होगा।

motivational story for work in hindi

loading...
You might also like