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दो किसानों की प्रेरक कहानी- motivational story in hindi download

हम एक से बढ़कर एक inspirational जगत की story प्रकाशित करते हैं। पेश है इसी कड़ी में आज हम “दो किसानों की प्रेरक कहानी”a real inspirational story sites प्रकाशित कर रहे हैं . आशा है आपको ये खबर पसंद आएगी

एक छोटे से गाँव में दो किसान रहते थे, एक का नाम रमेश था और दुसरे के मुकेश. रिश्ते में दोनों भाई ही थे, गाँव में और भी किसान रहते थे, लेकिन इनके जैसी किसानी कोई नहीं करता था. दोनों की किसानी अच्छी चलती थी ये दोनों खूब मुनाफा कमाते थे. कई बार तो गाँव के दुसरे किसान भी उसने जलने लगते थे. दरअसल ये दोनों भाई साथ में किसानी किया करते थे, इसलिए इनको ज्यादा हुनाफा होता था. गाँव के कुछ चालाक किसान उन दोनों भाइयों को लड़ाने की बहुत कोशिश की, लेकिन इससे कुछ फायदा न हुआ. उल्टा दोनों के बीच रिश्ता और मजबूत हो जाता.

गाँव के लोगों ने हार मान ली, कुछ किसनों ने किसानी छोड़ दी तो कुछ ने कोई और काम शुरू कर दिया. धीरे-धीरे दुसरे किसान अपने-अपने काम में सफल होने लगे. उनका काम अच्छा चलने लगा. दोनों भाई भी कुछ पैसा कमा रहे थे. एक बार गाँव में सुखा पड़ा, जो तीन साल तक लगातार पड़ा. इस सूखे के कारण दोनों किसान भाइयों को बहुत घाटा हुआ, दोनों को पैसों की तंगी होने लगी, इसके बाद दोनों के बीच छोटी- छोटी बातों में बहस शुरू हो जाती. कई महीनों तक ये सब चलता रहा, गाँव के लोग ये सब देख कर खुश होते थे. एक दिन रमेश अपने भाई मुकेश से अलग हो गया. रमेश जज्बाती था और मुकेश दिमागदार था.

रमेश ने दूध का व्यापार करना शुरू कर दिया, ये वाला व्यापार गाँव के और भी लोग कर रहे थे. इसमें मुनाफा अब ज्यादा नहीं बनने वाला था, लेकिन फिर भी रमेश ने ये वाला व्यापार करना शुरू कर दिया. और कर भी क्या सकता था. उस गाँव में ऐसे ही काम होते थे. मुकेश अभी भी किसानी का काम किए करता था. अब उसका मुनाफा पहले से बहुत ज्यादा कम हो गया था, लेकिन वो फिर भी कर रहा था. रमेश का भी ठीक ठाक चल रहा था. अब गाँव में सब कुछ ठीक चल रहा था, एक दिन मुकेश के दिमाग में एक योजना आई, और उसने भी किसानी छोड़ कर दूध का कारोबार करना शुरू कर दिया. गाँव के लोगों ने पहले तो उसे खूब मना किया की वो ये काम न करें क्योंकि इसमें अब ज्यादा मुनाफा नहीं है. वो कोई और काम शुरू कर दे. लेकिन मुकेश नहीं मना.

मुकेश का दिमाग बहुत तेज चलता था. उसने अपने दिमाग से पहले एक छोटा का दूध का व्यापार शुरू कर दिया, उसकी योजना और काम करने का तरीका दूसरों के बिल्कुल अलग था. गाँव के लोग देखते रह गए, मुकेश ने सबसे आखरी में दूध का व्यापार शुरू किया था, लेकिन मुनाफा सबसे ज्यादा वही कमा रहा था. अब तो मुकेश दूध का बहुत बड़ा कारोबारी बन गया, और गाँव के लोग अभी भी वहीं दूध बेचा करता थे. मुकेश ने अपने भाई रमेश को भी अपने साथ कर लिया और फिर दोनों ने कुछ मुनाफा कमाया.
कहानी से सीख: ये जरुरी नहीं की तुमने देर से शुरुआत की हो, जरुरी ये है कि तुम्हारी रफ़्तार कितनी तेज़ है.
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