ga('send', 'pageview');
Articles Hub

दी लास्ट लीफ-new short story of the last leaf in hindi language part two

दी लास्ट लीफ-new short story of the last leaf in hindi language part two
new short story of the last leaf in hindi language part two,inspirational story in hindi,inspirational story in hindi for students, motivational stories in hindi for employees, best inspirational story in hindi, motivational stories in hindi language
जोहंसी बीमार पड़ गई है। उसे न्युमोनिआ हो गया है। वह मर रही है। वह हमेशा कमरे की खिड़की के बाहर एक लता बेल से गिरते पत्ते को देखती है और मन ही मन निर्णय कर लेती है कि जब अंतिम पत्ता भी गिर जाएगा तब वह मर जाएगी। उसकी सबसे अच्छी मित्र सू निराश होकर उसे ऐसा सोचने से मना करती है। एक बेहराम नाम का बूढ़ा व्यक्ति जो एक निराश और असफल कलाकार है उसके मकान के नीचे रहता है। वह दावा करता है कि वह एक अति उत्तम रचना का निर्माण करेगा यद्यपि वह कभी यह कार्य प्रारम्भ नहीं कर सका। सू उसके पास जाती है और कहती है कि उसकी दोस्त जोहंसी न्युमोनिआ से मर रही है और कहती है कि कमरे के बाहर पेड़ के लेट का अंतिम पत्ता गिरेगा तब वह मर जाएगी। बेहराम ने यह सुनकर इसका मज़ाक उड़ाया और इसे सरासर मूर्खता बताया। उसने जोहंसी से मिलने और उस लता के पेड़ को देखने की इच्छा प्रकट की। घनी रात है ,तेज आंधी आती है हवा की सरसराहट और बारिश की बूंदे लगातार खिड़की पर गिर रही हैं ,सू खिड़कियाँ बंद कर देती है और परदे को खींच देती है। वह जोहंसी को सोने को कहती है।
और भी प्रेरक कहना पढ़ना ना भूलें==>
साधना-a new short motivational story from Mahabharata of kaushik brahman
देवता और दैत्य-a new short mythological story of gods and demon in hindi
मैले कपडे-a new inspirational story about dirty clothes with a deep message
new short story of the last leaf in hindi language part two,inspirational story in hindi,inspirational story in hindi for students, motivational stories in hindi for employees, best inspirational story in hindi, motivational stories in hindi language
यद्यपि लता पर एक पत्ता अभी भी बचा हुआ है जोहंसी इसका विरोध करती है। पर सू बिलकुल नहीं चाहती की जोहंसी अंतिम पत्ते को गिरते हुए देखे। सुबह जोहंसी देखती है की लता से सभी पत्ते गिर चुके हैं सिर्फ एक पत्ता अभी तक लटका है। जोहंसी हैरान होती है। वह सोचती है कि यह पत्ता तो आज जरूर गिरेगा। पर ऐसा होता नहीं वह पत्ता ना तो आज गिरता है ना कल। जोहंसी सोचती है कि यह पत्ता सिर्फ उसे दिखने के लिए रुका है वह तो कितनी निर्बल पत्ता है और उसने मृत्यु चाहने जैसा पाप किया। वह अपने मानसिक सम्बल को बढ़ाती है और अपने आप को जीने के लिए तैयार करती है। उसके हालात में अप्रत्यातिश रूप से सुधार होने लगता है। जब जोहंसी पूर्ण रूपेण स्वस्थ हो जाती है तब उसे सू बताती है कि उसका पडोसी बहमन की मृत्यु न्युमोनिआ के कारण हो गई है और वास्तव में जोहंसी के जीवित रहने के खातिर उस पेड़ की आख़री पत्ता बेहर्मन की सबसे उत्तम रचना थी। एक असफल कलाकार की सबसे सफल कृति। मानवीय संवेदनाओं को झकझोरने वाली एक उत्तम रचना।

मैं आशा करता हूँ की आपको ये story आपको अच्छी लगी होगी। कृपया इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ फेसबुक और व्हाट्स ऍप पर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। धन्यवाद्। ऐसी ही और कहानियों के लिए देसिकहानियाँ वेबसाइट पर घंटी का चिन्ह दबा कर सब्सक्राइब करें।

Tags-new short story of the last leaf in hindi language part two,inspirational story in hindi,inspirational story in hindi for students, motivational stories in hindi for employees, best inspirational story in hindi, motivational stories in hindi language

80%
Awesome
  • Design
loading...
You might also like