Articles Hub

prem kahani-ये इश्क़ नहीं आसान

prem kahani

वो कहते हैं न की ये इश्क़ नहीं आसान। आज हम आपको ऐसी ही एक prem kahani सुनाने जा रहे हैं जो आपने कभी नहीं सुनी होगी।
साहिल रोज ऑटो से अपने ऑफिस जाया करता था, उसका एक फिक्स समय था, उसी समय में वो रोज घर से निकल कर चौराहे से ऑटो पकड़ता था। रोज उसी समय घर से निकलने पर गली में एक बालकनी से एक लड़की उसे देखती नजर आती थी, जब भी साहिल गली से गुजरता,लड़की को बालकनी में खड़ा पाता था। दोनों की नजरें आपस में हमेशा मिलती थी। ये रोज का रूटीन हो गया था, लेकिन लड़की बालकनी में खड़ी रहती थी,इसलिए कभी बात नहीं हो पाती थी, सिर्फ नजरे मिलती थी,साहिल तब तक नजरे मिलाये रखता था,जब तक की उसकी आँखों से ओझल ना हो जाये। देखते-देखते साहिल को लड़की से प्यार हो गया था,लेकिन कभी उससे बात ना कर पाया था,ना ही लड़की का नाम जान पाया था,एक दिन साहिल गुजर रहा था,उस दिन लड़की बालकनी में खड़ी नजर नहीं आयी, साहिल थोड़ा सा अपसेट हुआ,तभी निचे खड़ी लड़की ने स्वेता कह कर पुकारा और वही लड़की बालकनी में आ कर बोली आ रही हूँ । उस दिन साहिल को पता चला की लड़की का नाम स्वेता है, वो बहुत खुश हुआ,क्योंकि आज उसे लड़की का नाम भी पता चल गया था। धीरे-धीरे वक्त बदलता गया,और साहिल स्वेता के एक नजर के लिए हमेशा बालकनी की तरफ देखता रहता था,एक दिन वो गुजर रहा था तो ऊपर से एक कागज का टुकड़ा गिरा,जिसे साहिल ने चुप चाप उठा लिया, और आगे बढ़ गया
और love stories in hindi पढ़ें यहाँ==>इंटरव्यू के दौरान हुआ प्यार,प्यार का सफर
उसमे मोबाइल नंबर लिखा हुआ था, साहिल बहुत खुश हुआ और उस मोबाइल पर कॉल किया तो एक लड़की की आवाज आयी, साहिल को लगा स्वेता बोल रही है,और उसने अपना नाम बताया, फिर दोनों बात करने लगे, रात-रात भर दोनों बात करते थे, साहिल ने परपोज़ भी कर दिया था,जिसे लड़की ने एक्सेप्ट भी कर लिया,एक दिन साहिल बात करते हुए गली से गुजर रहा था और बालकनी पर नजर डाला तो स्वेता खड़ी थी, लेकिन उसके हाथ में मोबाइल ना देख कर उसे ताजुब हुआ और उसने बोला स्वेता, इस पर उधर से आवाज आयी,दीदी बालकनी में है। साहिल कुछ देर के लिए शांत हो गया,इसका मतलब था की वो जिससे इतने दिनों से बात कर रहा है वो स्वेता नहीं उसकी छोटी बहन है, जो उसी बालकनी में कभी-कभी खड़ी नजर आती थी। अब तो बहुत बड़ी समस्या हो गयी, साहिल स्वेता से प्यार करता था,उसे देखा करता था और बात स्वेता की छोटी बहन से कर रहा था,वो करे तो क्या करे? लेकिन हिम्मत से काम लेते हुए साहिल ने पूछा स्वेता हमेशा बालकनी में क्यों खड़ी रहती है? इस पर उसकी छोटी बहन ने….
ये prem kahani अगली पेज में जारी है, आगे पढ़ने के लिए निचे क्लिक करें।



loading...
You might also like