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science fiction story in hindi- रोबोटों की जंग

हम हर दिन एक से बढ़कर एक वैज्ञानिक कहानिया प्रकाशित करते हैं। इसी कड़ी में आज रोबोटों की जंग science fiction story in hindi प्रकाशित कर रहे हैं।आशा है ये आपको अच्छी लगेगी।

डॉ राजेश एक रोबोट बनाने वाली कंपनी में काम करते थे। ये कंपनी उन्नत तकनीक से लेस रोबोटिक फर्म सर्विस देती थी।हॉस्पिटल,सिविल सर्विस इत्यादि हर क्षेत्र में इनके रोबोट्स काम करते थे।डॉ राजेश को एक युद्धक रोबोट बनाने का काम मिला था। पहले वो दौर था जब काम इंसान के द्वारा होता था अब इस युग में हर काम मशीन के द्वारा होने लगा था। 2070 का टाइम था। उन्होंने इस रोबोट का नाम मीको रखा। राजेश कंपनी की दी हुई प्रयोगशाला में कई महीनो से इस प्रोजेक्ट पर लगे थे।ये एक युद्धक कवच था जो टाइटेनियम धातु से बना था और दिखने में मानव शरीर के जैसा था।इसके हेलमेट में हरी लाइट जलती थी जिससे लेजर लाइट के माध्यम से हमला किया जा सकता था। कंधे के ऊपर राकेट लांचर और बम फेकने के यन्त्र लगे थे और हाथ और पैर मज़बूत पिस्टल के साथ रोबोट को शक्तिशाली बना रहे थे।ये युद्धक रोबोट मीको पानी,हवा और धरती किसी भी माहौल में काम कर सकता था। और इसे भारतीय सेना को सौपना था। इन्होंने अपने रोबोट को भारतीय वैज्ञानिक परिषद के सामने प्रस्तुत किया।डॉ राजेश के सीनियर वैज्ञानिक कुमार प्रकाश ने मीको को हमला करने के निर्देश दिए और कहा -” जाओ सीधे दौड़ो,लेफ्ट जाके दाहिने तरफ से दौड़कर डॉ राकेश को मार दो” सब हैरान थे कि डॉ कुमार ये क्या कर रहे है। मीको उनके निर्देशानुसार काम करने लगा।जैसे ही वो डॉ राजेश के पास पहुंचा तो डॉ कुमार ने उसे रुकने के निर्देश दिए।एक दर्शक खड़ा होकर बोला -“ये आप क्या कर रहे थे?”कुमार बोले- “देखा आप लोगो ने ये रोबोट कितना खतरनाक है। अगर ये गलत हाथो में पढ़ जाये तो ये हमारे लिए कितना खतरनाक साबित हो सकता है।इसकी जगह सिर्फ फैक्ट्री और घर में काम करने लायक है,मैं इसे रिजेक्ट करता हूँ।” डॉ राजेश की मेहनत पर पानी फ़िर जाता है।वो अपने घर जाते है और मीको से बात करते है। मीको उससे कहता है -“क्या बात हे डॉ आप टेंशन में लग रहे है और आपके शरीर में स्ट्रेस 9 % बढ़ गया है। राजेश उस रोबोट से बात करने के मूड में नहीं था।जब किसी को असफलता मिल जाती है तो कोई भी दुखी हो ही जाये।तभी अचानक उन्हें न्यूज़ चैनल से पता चलता है कि डॉ कुमार को आतंकवादियो ने किडनैप कर दिया है और उनकी जान को खतरा है।डॉ कुमार और उनके बनाये हुए रोबोट आतंकवादियो के कब्जे में थे।डॉ राजेश अपने रोबोट मीको पर सवार होकर उस जगह पहुँच जाते है ।




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खूब अफरातफरी का माहौल था।जगह जगह आतंकवादियो की फायरिंग में कई गाड़िया और लोगो को नुकसान पहुंचा था और अभी भी फायरिंग हो रही थी।डॉ राजेश अपने रोबोट को मिशन पर जाने का आदेश देते है।रोबोट अपनी पूरी ताकत के साथ आतंकवादियो पर हमला करता है।आतंकवादियो की किसी हथियार का उस रोबोट पर असर नहीं हो रहा था।तभी आतंकवादी डॉ कुमार के रोबोट को डॉ राजेश के आगे कर देते है।उस रोबोट का नाम सीटू वन था जो की एक तरह का विस्फोटक बम था जिसको एक दूसरा रोबोट ही नष्ट कर सकता था।मीको अपने सेंसर से सब बात समझ जाता है और वो लंबी इलेक्ट्रॉनिक किरणे निकाल कर उस रोबोट को जाम कर देता है।पर सीटू वन फट जाता है और उससे निकले खतरनाक परमाणु किरणों को मीको अपने ऊपर ले लेता है और राजेश की रक्छा करता है। डॉ कुमार तब तक वहा से निकल जाते है और मीको बांकी के आतंकवादी को भी मार देता है।डॉ कुमार सारी बात देखते है और शर्मिंदा होकर डॉ राजेश से माफ़ी मांगते है । डॉ राजेश कहते है -” अगर इस रोबोट को इंसानी दिमाग देता तो ये हम पर राज करता जिससे इंसानी ज़िन्दगी को खतरा हो सकता था।इसलिए तो आपने इसे रिजेक्ट कर दिया था।हम रोबोट बनाते है लोगो की मदद के लिए न उनके विनाश के लिए।आपसे एक ही रिक्वेस्ट है किसी भी वैज्ञानिक की मेहनत को यु ही बेकार न जाने दे।” तब से डॉ कुमार अपना घमंड छोड़कर हर वैज्ञानिक की मदद करने लगे।याद रखिये दोस्तों विज्ञान हमसे है हम विज्ञान से नहीं। मैं आशा करता हूँ की आपको ये “science fiction story in hindi” आपको अच्छी लगी होगी। कृपया इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ फेसबुक और व्हाट्स ऍप पर शेयर करें। धन्यवाद्। ऐसी ही और कहानियों के लिए देसिकहानियाँ वेबसाइट सब्सक्राइब करें।




science fiction story in hindi

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