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दादी माँ का खौफ-short scary story in hindi language

short scary story in hindi language

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हम एक से बढ़कर एक डरावनी कहानियां प्रकाशित करते हैं। पेश है इसी कड़ी में आज हम “दादी माँ का खौफ ” short scary story in hindi language प्रकाशित कर रहे हैं.आशा है आपको ये कहानी पसंद आएगी.

कुछ घटनाएं हमारे जीवन पर ऐसा प्रभाव छोड़ती हैं कि उन्हें भूल पाना लगभग नामुमकिन सा हो जाता है | ऐसा मेरे साथ कुछ साल पहले हुआ था जब मेरी गर्मी की छुट्टियां शुरू ही हुई थी | लगभग सभी को ही छुट्टियां बहुत पसंद होती हैं, लेकिन मुझे ज्यादातर स्कूल में रहना ज्यादा पसंद था | लेकिन जब भी छुट्टियां होती थी तो मुझे छुटियों में नयी नयी जगहों पर जाना पसंद है |

इस बार मेरा कहीं जाने का कोई प्लान नहीं था लेकिन किस्मत से मेरे दोस्त ने मुझे उसके जन्मज स्थान पर उसके साथ चलने के लिए पूछा | मैंने उस जगह के बारे में उससे बहुत अच्छी बातें सुनी थी | वह जगह शहर से काफी दूर थी और यह हिमालय की निचली पहाड़ियों में स्थित थी | यह एक छोटा गांव था और मैंने सुना था कि यह काफी सुन्दर जगह है | इसलिए मैंने जाने के लिए हाँ कर दी और और मेरे माता-पिता से जाने की आज्ञा लेना भी इतना कठिन नहीं था क्यूंकि उसके परिवार और मेरे परिवार के काफी अच्छे सम्बन्ध थे |

मुझे आज भी याद है, रविवार की सुबह को हमने अपनी यात्रा को शुरू किया था | वहां गांव में कुछ सेरेमनी उत्सव था जो शाम को शुरू होने वाला था और हम दोनों दोस्त वहां समय पर पहुंचने के लिए काफी उत्सुक थे | किस्मत से, हम उस उत्सव में समय पर पहुंच गए | वहां लगभग 25 -30 मेहमान थे और वहां का माहौल काफी पारम्परिक था | मैंने ग्रामीण इलाकों का स्वादिष्ट खाने और संगीत का पूरा पूरा आनंद लिया और साथ में हिमालय के सुहावने मौसम का भी |

उत्सव के समय, पानी खत्म हो गया और पानी मिलना उस छोटे से गाँव में आसान काम नहीं था | किस्मत से, हमारे अंकल काफी धनी आदमी हैं, और उनके घर के पिछले आँगन में उनका खुद का कुंआ था | वह घर काफी बड़ा था जो कि धान के खेतों से जुड़ा हुआ था |

आंटी के परिवार में से एक सदस्य ने हम दोनों से कूँए से पानी लाने को कहा | मैं तुरंत आँगन की तरफ गया, मैं डर गया क्यूंकि मैंने शहर में अपने घर के पास घर, बिल्डिंग और कार देखी हैं लेकिन उस घर के पास कुछ भी नहीं था |वहां बहुत अँधेरा था, वहां बस चाँद की थोड़ी सी रौशनी थी | वहां से कुछ दूरी पर अंकल का फार्म था जहाँ और भी अँधेरा था | वहां सब जगह बड़े बड़े पेड़ों से घिरी हुई थी | और जब मैंने एक जगह देखा जो कि हमसे लगभग 100 मीटर दूर थी, वह जगह तो हद से ज्यादा डरावनी थी | एक पुराना, लम्बा और घाना पेड़ एक तरफ था और एक छोटा टुटा हुआ सा कमरा दूसरी तरफ था | वहां हमारे चारों तरफ एक अनोखा ही वातावरण था, यह सब देख कर हमने फैसला किया कि हम आंटी से पानी ले लेंगे |

हमने आंटी से किसी और को पानी लाने के लिए भेजने को कहा और हमने पानी न मिलने के लिए बहाना लगा दिया | इसलिए उन्होंने रिश्तेदारों में से से किसी एक को पानी लाने के लिए बोला | मेरे दोस्त की दूसरी आंटी पानी लेने के लिए गयी और हम फिर से खाना खाने में लग गए |

15 मिनट बाद, जो औरत पानी लेने गयी थी, भागती हुई वापस आयी और वह ज़ोरो से चीख रही थी | अचानक पार्टी खत्म हो गयी और सभी लोग उस औरत के चारो और खड़े हो गए और उत्सुक थे यह जाने के लिए कि उसके साथ क्या हुआ | उसे होश में आने में वक़्त लग गया और तब उसने जो बताया वह अकल्पनीय था |

मेरे दोस्त की आंटी ने कहा कि वह कुएँ के पास खड़ी थी, उन्होंने कुछ अजीब हसने की आवाजें सुनी लेकिन उन्होंने यह सोचकर टाल दिया की शायद आवाजें घर के अंदर से आ रही होंगी | जब वह कुएँ से पानी निकाल रही थी, उन्होंने हसने की आवाजें फिर से सुनी लेकिन यह बहुत साफ़ सुनाई दे रही थी, यह घर के अंदर से नहीं आ रही थी | उन्होंने चारों तरफ देखा और उन्होंने उनके सामने वाले पेड़ की तरफ देखा | उन्होंने देखा कि एक पेड़ की शाखा पर एक औरत बैठी हुई है | वह बूढी सी और उसने पूरे सफ़ेद कपडे पहने हुए थे और उसका पूरा शरीर अँधेरे में चमक रहा था | जब आंटी ने उसे देखा तो उसने और ज़ोरो से हसना शुरू कर दिया और वह सीधा उनकी आँखों में देख रही थी | आंटी ने कहा कि वह बुरी तरह से डर गयी थी और उन्होंने वहां से भागने की कोशिश की लेकिन वह हिल भी नहीं पा रही थी |

फिर पेड़ पर बैठी हुई बूढ़ी औरत अचानक से पेड़ से निचे कूद गयी और आंटी की तरफ बढ़ने लगी | उसने हसना बंद नहीं किया और वह बस उनकी आँखों में देख रही थी | बूढ़ी औरत भागती हुई कुएँ के पास आयी और उसने कुएँ में छलांग लगा दी और वह तब तक हसती ही रही जब तक कि वह पानी में डूब नहीं गयी | अब हम सबको पता चल गया था कि आंटी क्यों चीख रही थी और घबराई हुई थी |

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हम सभी ने उनकी बात सुनी लेकिन समझ नहीं आ रहा था कि उस परिस्थिति पर किसी प्रतिक्रिया की जाये | और तभी उन्होंने घर की दीवार पर तंगी हुई एक तस्वीर को देखा और वह चिल्लाई और कहने लगी कि यह वह औरत है जिसको उन्होंने बाहर देखा था | परिवार के सदस्यों ने बताया कि तस्सवीर में जो औरत है वह उनकी प्रधान दादी है और उन्होंने यह भी कहा कि किसी को पता नहीं है कि उनकी मौत कैसे हुई |
उस रात कोई भी नहीं सोया | मैं, मेरा दोस्त और उसका परिवार अगली सुबह वापस अपने घर लौट आये |

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