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एक जड़ी-बूटी जो खत्म कर दे कैंसर-the latest health news

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ये तो सभी जानते हैं की जड़ी-बूटी में असीम शक्ति है. रामायण में भी ऐसा वर्णन है की, जब लक्ष्मण जी मूर्छित हो कर गिर गए तो हनुमान ने हिमालय से संजीविनी बूटी ला कर लक्ष्मण जी को जिन्दा किया था. वास्तव में आज भी हिमालय और अन्य जगहों को ऐसे जड़ी-बूटी हैं जो इंसान का काया-कल्प बदल कर रख दे. इसी ओर वैज्ञानिक लगातार खोज कर रहे हैं. वैज्ञानिक अक्सर नई खोज करने के लिए एक्सपेरिमेंट करते रहते हैं जिनका परिणाम उन्हें खुद पता नहीं होता है. ऐसा ही कुछ कनाडा के वैज्ञानिकों के साथ ऐसा ही हुआ है. उन्होंने गलती से कैंसर को खत्म करने वाले एक जूस का पता कर लिया है, जिससे दो दिनों में कैंसर खत्म हो जाता है. अच्छी बात यह है कि इसका कोई साइड-इफेक्ट भी नहीं है.फ़िलहाल यह खोज चूहे पर किया जा रहा है, अभी तक इंसान पर इसका उपयोग नहीं किया गया है.इसलिए यह कहना की यह जड़ी-बूटी 100 फीसदी तक सही है, अभी गलत होगा,लेकिन इतना तय है की इस जड़ी बूटी का प्रभाव ल्यूकेमिया सेल्स, कोलन कैंसर, पैंक्रियाटिक कैंसर क्रोनिक मायलोमोनोसायटिक ल्यूकेमिया में देखा गया, क्योंकि इन सभी पर इस जड़ी-बूटी का असर हुआ है.
वैज्ञानिकों ने पाया है  कि स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाए बिना यह जड़ कैंसर की कोशिकाओं पर काफी असरदार थी. इसके अलावा चूहों में प्रत्यारोपित की गई मानव कैंसर की कोशिकाओं में इसके प्रभाव को मान्यता मिली. उन्होंने बताया कि डैंडेलियन की जड़ किसी भी तरह से स्वस्थ कोशिकाओं को हानि पहुंचाए बिना कैंसर कोशिकाओं को आत्महत्या करने के लिए प्रेरित करती है. यद्यपि यह शोध अभी भी शुरुआती चरणों में है। मगर, कैंसर के भविष्य में उपचार के लिए यह एक आधार हो सकता है.दरअसल यह अनोखी खोज कनाडा के विंडसर विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने की है. वैज्ञानिक साल 2009 से कैंसर के विरूद्ध डैंडेलियन (dandelion) के प्रभावों की जांच कर रहे थे इसी दौरान वैज्ञानिकों के एक समूह ने पाया कि एक प्रभावी जड़ी बूटी है, जो महज दो दिनों में बिना साइड-इफेक्ट के कैंसर को खत्म कर सकती है.जब यह प्रोजेक्ट शुरू हुआ, तो एक ऑन्कोलॉजिस्ट (कैंसर रोग विशेषज्ञ) ने डैंडेलियन रूट टी कैंसर के कम जोखिम के बीच संबंध पाया. पामेला ओवदजे विश्वविद्यालय के एक डॉक्टरेट कैंडिडेट हैं. उन्होंने इस रूट टी के फायदे के बारे में पता किया. उन्होंने बताया कि हमारे साथ काम करने वाले एक ऑन्कोलॉजिस्ट ने हमें बताया था कि डैंडेलियन रूट टी पीने वाले एक मरीज की हालत में अविश्वसनीय सुधार हुआ है. हमने तुरंत इस चाय की जांच करना शुरू किया। हम दूसरे रोगियों पर भी इसके असर को देखना चाहते थे.आपको जान कर यह ताजुब होगा की, फ़िलहाल यह खोज शुरवाती दौर में है.आपको बता दे की,जड़ी-बूटी वाले जूस से महज 48 घंटे में कैंसर ठीक करने वाली कई खबरें सामने आ रही हैं, जिसमें बताया जा रहा है कि वैज्ञानिकों ने गलती से इसे तैयार किया है.लेकिन यह खबर सच्ची नहीं है. दरअसल, यू-ट्यूब पर ऐसे वीडियो अपलोड होते रहते हैं। इन्हें वायरल करने के लिए ऐसे दावे कर दिए जाते हैं जो वास्तव में होते नहीं हैं.

इस नाम से यू-ट्यूब पर अपलोड किए गए इस वीडियो को 10 हजार से ज्यादा व्यूज मिले हैं. इसी वीडियो में 48 घंटे में कैंसर ठीक करने का दावा उस वक्त गलत साबित हो जाता है जब एक कैंसर पीड़ित इस पर कमेंट करता है. इसके लिए उस शख्स ने बकायदा वीडियो के कमेंट बॉक्स में एक लिंक भी शेयर किया है जिसमें इस जड़ी बूटी पर शोध के रिजल्ट पेश किए गए हैं. हमने इस लिंक को फॉलो किया तो वाकयी चौंकाने वाली बात पता चली.शोध में पता चलता है कि यह जड़ी पूरी तरह से कैंसर को खत्म नहीं कर सकती. लेकिन यह भी सच है की इस ओर लगातार चल रहे शोध से यह तय है की जल्दी ही कैंसर को खत्म करने वाली जड़ी- बूटी सामने आ जाएँगी.

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