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true love stories in hindi language-जब प्यार में हुआ लोचा

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देसिकहानियाँ में हम एक से बढ़कर एक प्रेम  कहानियां प्रकाशित करते हैं। पेश है इसी कड़ी में “प्यार में लोचा ” true love stories in hindi language आशा है,ये आपको पसंद आएगी।


लेखक- आदित्य
संजीव एक कट्टर हिन्दू परिवार में पैदा लिया था,जहाँ उसे बचपन से हिन्दतुव के बारे बताया गया,और साथ ही मुसलमान को खुद से दूर रहने को बताया गया था, बचपन से ही उसे मुसलमान से नफरत हो गयी थी. जिसकी वजह थी उसके दादा और छोटे चाचा एक आतंकवादी हमले में मारे गए थे ,जिसकी वजह से संजीव को मुसलमानो से नफरत हो गयी थी, वो अब सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान दे रहा था, पढ़ाई पूरी करने के बाद वो दिल्ली चला गया जहाँ उसे एक अच्छे कम्पनी में जॉब मिल गया,वो बहुत खुश था,और उसकी जिंदगी भी अच्छी कट रही थी, सैलरी भी अच्छी मिल रही थी, वो बहुत मेंहनत कर रहा था.जिससे उसके बॉस बहुत खुश थे. एक दिन कंपनी में और स्टाफ की जरुरत महसूस हुई,इसलिए उसने विज्ञापन दे दिया, बहुत सारे कैंडिडेट आये , जिसमे से सेलेक्ट करने के जिम्मेदारी संजीव को दी गयी,संजीव ने कुछ कैंडिडेट का इंटरव्यू लिया, जिसमे उसे स्वेता पसंद आयी, उसने स्वेता को सेलेक्ट कर लिया और उसे अगले दिन काम पर बुला लिया, या यूँ कहे की उसे स्वेता के बात करने का स्टाइल,उसका लुक संजीव को पसंद आ गया था, कहीं ना कहीं उसे स्वेता से प्यार सा हो गया था, वो कल का बेसब्री से इंतजार करता रहा, लेकिन स्वेता नहीं आयी. उसे समझ में नहीं आ रहा था की स्वेता क्यों नहीं आयी,लेकिन वो क्या कर सकता था? उसे लगता था की स्वेता कल आएगी,लेकिन स्वेता कल भी नहीं आयी, कुछ दिनों तक वो स्वेता का इंतजार करता रहा,लेकिन स्वेता नहीं आयी, कुछ दिनों के बाद कम्पनी ने फिर से इंटरव्यू रखा,लेकिन संजीव को कोई पसंद नहीं आयी,अचानक एक दिन संजीव को कम्पनी में स्वेता नजर आयी जिसे देख कर वो चौंक गया और वो स्वेता के पास गया और बोला तुम इंटरव्यू में सेलेक्ट हो गयी फिर क्यों नहीं काम पर आयी, लड़की को बहुत आस्चर्य हुआ, उसने संजीव से पूछा क्या मैं इंटरव्यू देने के लिए आयी थी, संजीव ने कहा,हाँ तुम ही इंटरव्यू देने आयी थी, भूल गयी क्या? उसने स्वेता का रिज्यूमे दिखाया, लड़की ने रिज्यूमे देखा उसके बाद वो अचानक से बोली हाँ मैं आयी थी मुझे याद आ गया, लेकिन मम्मी का तबियत खराब होने की वजह से ज्वाइन नहीं कर पायी, क्या अब कर सकती हूँ,संजीव ने हाँ में उतार दिया, लड़की ने काम करना शुरू कर दिया, धीरे-धीरे स्वेता और संजीव करीब आने लगे, वो दिन भी आ गया जब संजीव ने अपने प्यार का इजहार स्वेता से कर दिया और उससे शादी करने की बात कह डाली,साथ ही ये भी कह दिया की वो अपना पता दे वो उसके मम्मी-पापा से मिलेगा,ये सब सुन कर स्वेता थोड़ी देर के लिए चुप हो गयी,उसे समझ में नहीं आ रहा था की वो क्या करे? वो अगले दिन उसे ले जाएगी ऐसा बोल कर वो चली गयी,संजीव भी मान गया लेकिन स्वेता फिर नहीं आयी, काफी दिन बीत गए लेकिन स्वेता नहीं आयी,एक बार फिर संजीव का दिल टूट गया,उसे समझ नहीं आ रहा था की आखिर स्वेता उसके साथ ऐसा क्यों कर रही है?

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काफी दिन गुजर जाने के बाद एक दिन अचानक संजीव को स्वेता बाजार में नजर आयी संजीव ने स्वेता को देखा तो वो बहुत खुश हुआ,लेकिन उसके साथ एक और लड़का था और पास जाने पर उसे पता चला की स्वेता ने शादी कर लिया है, अब तो उसे बहुत गुस्सा आया,वो स्वेता को बुरा भला कहने लगा, उसने कहा की प्यार मुझसे और शादी किसी और से ऐसा उसने क्यों किया? स्वेता सुन कर चौंक गयी उसने कहा की वो उसे जानती भी नहीं, उसने बोला वो उसके साथ कम्पनी में काम करती थी उसने उसके साथ प्यार भी किया था, वो सब भूल गयी,लेकिन स्वेता ने बताया की वो किसी कम्पनी में काम ही नहीं की, संजीव ने जब कंपनी का नाम बताया तो स्वेता ने कहा की वो उस कम्पनी में इंटरव्यू दी थी लेकिन उसकी शादी ठीक हो गयी इसलिए वो काम नहीं की, उसके पति ने भी कहा, ये बात तो सच है उसकी शादी हो गयी थी और स्वेता उसके साथ रहती थी फिर वो कम्पनी में कब काम की? ये सुन कर तो संजीव चकित हो गया की अगर वो स्वेता नहीं थी तो वो लड़की कौन थी, संजीव को कुछ समझ नहीं आ रहा था, तभी एक दिन मॉल में उसे फिर से स्वेता नजर आयी पहले तो उसे लगा की कहीं वो ही ना हो? ;लेकिन स्वेता ने जब नजरे चुराई तो वो उसके पास पहुंच गया और पास जाने के बाद पाया की वो शादी शुदा नहीं है, उसने जब पूछा तो लड़की ने बताया की वो स्वेता नहीं है वो जॉब की तलाश में आयी थी, लेकिन जब उसे पता चला की स्वेत जो बिलकुल मेरी तरह दिखती है और उसे जॉब मिल चूका है इसलिए उसने बिना कुछ बोले जॉब करने लगी, लेकिन जब तुम मेरे करीब आये तो वो दूर हो गयी क्योंकि तुम जिससे सबसे ज्यादा नफरत करते हो मैं वहीँ हूँ? संजीव नहीं समझ पाया, उसने कहा ऐसा क्या है, जिसकी वजह से मैं तुमसे नफरत करूँगा,इस पर लड़की ने बताया की उसका नाम स्वेता नहीं हिना है,और वो हिन्दू नहीं मुस्लिम है जिसे सुन कर संजीव के पैरो तले जमीन खिसक गयी, वो अब क्या बोलता? बात तो सही थी,एक तरफ उसका प्यार था जिसे वो जानो से ज्यादा चाहता था,दूसरी तरफ वो मुस्लिम थी जिससे वो सबसे ज्यादा नफरत करता था, वो कुछ देर यूँ ही खड़ा रहा, लेकिन उसका प्यार उसके नफरत को हरा दिया और उसने हिना को गले लगा कर बोला वो उससे ही शादी करेगा, ये सुन कर हिना को हैरानी हुई, लेकिन संजीव ने कहा की कल वो तैयार रहे अब वो उसी से शादी करेगा और संजीव ने ऐसा ही किया वो हिना से शादी कर लिया इस तरह नफरत पर प्यार की जीत हुई.
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