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एक साल तक की तपस्या सिर्फ इज्जत के लिए-True Motivational Story In Hindi language

हम एक से बढ़कर एक motivational जगत की Story प्रकाशित करते हैं। पेश है इसी कड़ी में आज हम “एक साल तक की तपस्या सिर्फ इज्जत के लिए ”True Motivational Story In Hindi language प्रकाशित कर रहे हैं . आशा है आपको ये खबर पसंद आएगी.

एक साल तक की तपस्या सिर्फ इज्जत के लिए

शर्मा जी घर के पास वाले चौराहे पर बैठे अपने दोस्तों के साथ चाय पीते- पीते ज़माने के लड़के और लड़कियों की बातें कर रहे थे. शर्मा जी ने कहा कि आज कल के बच्चे अपने मां-बाप से छिप कर पता नहीं क्या क्या करते थे. लड़कियां कॉलेज जाने के बहाने लड़कों के साथ बाइक में घुमती हैं और अपना मुहं काला करवाती हैं. गलती उन बच्चों की नहीं बल्कि उन के माता पिता की है, जो अपने बच्चों की परवरिश और सही संस्कार उन्हें नहीं दे पाते. शर्मा जी की एक बेटी राधा और एक बेटा राजा थे. दोनों ही कॉलेज में पढ़ते थे. बेटा और बिटिया फाइनल में थे.

बातें करते करते तभी शर्मा जी ने अपनी बेटी को एक लड़के के साथ बाइक में जाते हुए देख लिया. शर्मा जी का चेहरा गुस्से से लाल हो गया था और तमतमाते हुए घर गए और राधा से बिना कुछ पूछें उसे दो थपड लगा दिया और गुस्से से बोले यही तुम्हे सिखाया था कि कॉलेज जाने के बहाने तुम लड़कों के साथ बाइक में बैठ कर घूमों. पुरे शहर में तुमने मेरी नाक कटवा दी.

राधा को अपनी सफाई में कुछ कहने का मौका भी नहीं मिला. लेकिन मां इस बात को जानती थी कि राधा ऐसा कुछ नहीं कर सकती. अरे वो लड़का तो सिर्फ राधा की मदद कर रहा था, दरअसल उसे कॉलेज में चक्कर आ गया था, तो वो लड़का उसे घर छोड़ने आया था, मां ने राधा के पापा से चिल्ला के बोला लेकिन राधा के पापा के सर में तो गुस्सा सवार था, तो सच्ची कैसे उन्हें दिमाग में घुसती.

राधा को इस बात का बहुत बुरा लगा. वो अब कॉलेज भी नही जाती थी, सिर्फ अपने कमरे में रहती, न किसी से मिलती और न ही घर के बहर जाती. पापा राजा को दिल्ली भेज रहे थे आईएएस की तैयारी के लिए, उनका कहना था कि अगर राजा आईएएस बन जायेगा तो उनका मान बढ़ जायेगा. राधा के दिमाग में एक खयाल आया और उसने भी आईएएस की परीक्षा देने के फैसला किया, लेकिन वो इस बारे में किसी को भी बताना नहीं चाहती थी.

इंटरनेट के माध्यम से राधा ने आईएएस के लिए जरुरी सामग्री इकठ्ठा कर ली और दिनरात एक करके पढाई करने लगी. जब एग्जाम की बारी आई तो राधा ने अपनी सहेली के घर जाने के बहाने एग्जाम दे दिया. जब रिजल्ट आया तो राधा पास हो गई थी, और राजा ने भी पहला एग्जाम पास कर लिए था. राजा के पास होने से पापा बहुत खुश थे. राधा बिना किसी को बताये फाइनल एग्जाम की तैयारी में जुट गई थी. इस बार भी राधा कोई बहाना बना कर एग्जाम दे आती. और जब फाइनल रिजल्ट आया तो राजा इसमें फेल हो गया था. लेकिन राधा पास हो गई थी और वो आईएएस ऑफिसर बन गई थी.
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राधा ने अभी भी किसी को इस बारे में नहीं बताया था, उसने फेसबुक में इस बारे में एक पोस्ट लिखी, जिसे उसके भाई ने देख लिया और पापा को इस बारे में बताया, पापा का सीना ख़ुशी के मारे फूला जा रहा था. उन्होंने राधा के कमरे में जा कर उसे गले लगा लिया और उसे मांफी मांगी. पुरे एक साल के बाद दोनों एक दुसरे से बातें कर रहे थे, पापा को अपनी गलती का एहसास हो गया था. राधा ने सिर्फ इज्जत के लिए ऐसा किया था.

 

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