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true romantic love story in hindi- अनचाहा प्यार

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true romantic love story in hindi

हम आपको एक से बढ़ कर एक प्रेमकहानियां पढ़ते हैं और आशा करते हैं की वो आपको पसंद भी आती होंगी। इस कड़ी में पेश है अनचाहा  प्यार एक true romantic love story in hindi
स्वेता ने स्कूलिंग पूरा करके कॉलेज में एडमिशन लिया,चुकी स्कूल बोर्ड में उसके बहुत अच्छे नंबर आये थे,इसलिए उसे अच्छा कॉलेज मिल गया, स्वेता स्कूल के समय से ही अपने क्लास में पढ़ने वाले पंकज को पसंद करती थी, पंकज भी स्वेता को पसंद करता था, जब दोनों ने स्कूल पास किया तो दोनों एक ही कॉलेज में एडमिशन लिया,और ये बात स्वेता और पंकज के घर वाले जानते थे की दोनों एक दुसरो को पसंद करते हैं,लेकिन दोनों के परिवार वालो ने दोनों को हिदायत दी हुई थी,पहले दोनों अच्छे से पढ़ ले,फिर अपने भविष्य के बारे में सोचे,इसलिए दोनों पढ़ाई में जुट गए लेकिन स्वेता पढ़-पढ़ कर बोर हो गयी थी,कुछ ऐसा ही हाल उसके दोस्तों का भी था,इसलिए स्वेता अपने दोस्तों के साथ कॉलेज ट्रिप पर घूमने के लिए प्लान कर रही थी ।स्वेता और उसके दोस्त बहुत ज्यादा बोर हो गए थे,इसलिए उनलोगो ने कहीं बाहर जा कर घूमने का मूड बनाया,लेकिन कहाँ जाये,ये उनकी समझ में नहीं आ रहा था,फिर सबो ने पहाड़ पर जाने का मन बनाया और जगह तय किया नैनीताल।तय समय के अनुसार सरे दोस्त रेलवे स्टेशन पहुँच गए और ट्रैन पर भी सबो ने पूरा धमाल मचाया । नैनीताल पहुंचने के बाद उनलोगो और ऊपर जाने का प्लान किया और ऊपर जाने के बाद सिर्फ और सिर्फ जंगल देखने को मिल रहे थे, तभी शाम होने को आयी और रात का बसेरा के लिए वहां के लोगो से पूछा तो पता चला की थोड़ी दूर पर एक आउट हाउस है,जहाँ रात गुजरा जा सकता है,इसलिए वो सभी उस आउट हाउस की तरफ चल पड़े, कुछ दूर चलने के बाद आउट हाउस नजर आया,जहाँ बहुत काम लोग नजर आ रहे थे, इसलिए आसानी से रूम मिल गया, स्वेता ने जब अपने रूम की खिड़की खोली तो पाया थोड़ी दूर पर एक खंडहर है,जो काफी पुराना महल रहा होगा, आउट हाउस वाले से पूछने पर पता चला की पहले कभी वो महल हुआ करता था,लेकिन आग लगने के बाद अब कोई वहां नहीं जाता,इसलिए वो लोग भी उधर ना जाने की सोचे। सभी अपने अपने कमरे में जा कर सो गए।सुबह जल्दी ही स्वेता की नींद खुल गयी,और उसने अंगड़ाई लेते हुए जब खिड़की से देखा तो चौंक गयी, खंडहर नुमा महल के कैंपस में बहुत सारे गुलाब के फूल खिले हुए थे, और स्वेता को गुलाब बहुत ज्यादे पसंद थे,इसलिए वो गुलाब को करीब से देखने की ख्वाइश उसके दिल में आयी और वो उस महल की तरफ बढ़ गयी, चारो और झाडिया ही झाडिया थी,अंदर जाने का रास्ता भी नहीं मिल रहा था,तभी उसकी नजर टूटी हुई दीवाल पर पड़ी और वो अंदर चली गयी, गुलाबो के बीच जा कर उसका दिल ख़ुशी से झूम उठा, इतने सारे और अलग अलग रंग के गुलाब देख कर उसका दिल नहीं माना और वो एक गुलाबी रंग के गुलाब की तरफ तोड़ने के लिए जैसे ही अपना हाथ बढ़ाया तो पीछे से आवाज आयी की फूल मत तोड़ो और वो पीछे मूड कर देखि तो पाया एक लड़का खड़ा है और उसे फूल तोड़ने से मना कर रहा है, स्वेता ने कहा उसे गुलाब बहुत पसंद हैं और इसलिए वो गुलाब को तोड़ रही थी,लड़के ने कहा क्या जो चीज तुम्हे पसंद हो उसे तोडना चाहिए?
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ये सुन कर स्वेता कुछ देर के लिए सोचने लगी और उसे अपने किये पर शर्मिंदा होने लगा,उसने अपना हाथ पीछे खिंच लिया और वहां से जाने लगी,तभी लड़के ने कहा फिर कब आओगी? स्वेता ने लड़के को बिना कुछ कहे वापस आउट हाउस चली आयी,जहाँ उसके साथी उसका इंतजार कर रहे थे , सबो ने उससे पूछा कहाँ चली गयी थी,लेकिन स्वेता ने कुछ नहीं बताया और फिर उनलोगो के साथ घूमते हुए वापस अपने शहर लौट आयी। अगली सुबह वो जब उठी तो उसने पाया की उसके कमरे में गुलाबो का एक गुलदस्ता रखा हुआ है,अपने मम्मी और पापा से पूछने पर भी उसे कुछ नहीं मालूम चला की ये गुलदस्ता किसने दिया है,क्योंकि किसी ने गुलदस्ता रखते हुए नहीं देखा,गुलाब को देख कर वो बहुत खुश हुई,और तैयार हो कर कॉलेज चली गयी। लेकिन ये क्या अगली सुबह उसके पास फिर से एक गुलदस्ता रखा हुआ था, स्वेता के पूछने पर उसकी मम्मी ने कहा की तुम्हारा ही कोई दोस्त दरवाजे पर रख दिया था,जिसे मैंने तुम्हारे कमरे में रख दिया,लेकिन ताजुब की बात थी की आखिर रखता कौन है,किसी को नहीं मालूम था। इस बात को कुछ दिन हो गए और रोज उसके घर में गुलाबो का गुलदस्ता रखा हुआ मिलता था। किसी ने नहीं देखा की कौन रख जाता था।ये बात स्वेता ने जब अपने लवर पंकज से बताई तो उसने भी मना कर दिया,अब स्वेता सोच में पड़ गयी,क्योंकि उसे विश्वास था की पंकज ही गुलदस्ता रखता होगा,लेकिन अगर पंकज नहीं है तो कौन रखता है? काफी छान बीन के बाद भी नहीं पता चला की आखिर ये गुलदस्ता कौन देता है? एक दिन शाम को बाजार से लौटते हुए स्वेता को काफी लेट हो गया और वो जल्दी जल्दी घर पहुंचना चाहती थी,इतने में अँधेरा भी होने लगा और अचानक से स्वेता को……..
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