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चॉकलेट वाला प्यार-true sad love story stories

true sad love story stories

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हम एक से बढ़कर एक love story प्रकाशित करते हैं। पेश है इसी कड़ी में आज हम “स्कूल वाला प्रेम” true sad love story stories प्रकाशित कर रहे हैं . आशा है आपको ये खबर पसंद आएगी

प्यार- प्यार होता है, इसका ना कोई रंग होता है ना ही कोई रूप.जहाँ एक और पहले प्यार को पूजा जाता था, वहीँ आज के दौर में प्यार का कोई मतलब सा नहीं रह गया है, या यूँ कह ले की प्यार मतलबी हो गया है. शायद इसलिए भी प्यार से सभी विश्वास उठता चला गया है, मैं बात कर रहा हूँ, उस रिश्ते की जो प्रेमी-प्रेमिका प्यार के नाम पर निभाते हैं. एक ऐसे ही प्यार की हम कहानी बताने जा रहा हैं जो चॉकलेट से शुरू होती है और चॉकलेट पर ही अंत हो जाती है.

कहानी, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर की है, जहां संजीव अपने परिवार के साथ रहता था. हलाकि संजीव को पढ़ने में मन नहीं लगता था, लेकिन उसके माता-पिता चाहते थे की उसका बेटा पढ़-लिख कर उनका नाम रौशन करे. संजीव के पिता ज्यादा पढ़े लिखे नहीं थे, वो एक व्यवसायी थे,और उनका व्यवसाय बहुत अच्छा होने के वजह से उनके घर में धन-दौलत की कमी नहीं थी. इसलिए वो अपने बेटे संजीव की हर खाविश पूरी करने में लगे रहते थे, लेकिन संजीव को पढ़ने में मन ही नहीं लगता था. वो परिवार की नजर में सिर्फ किताब को अपने पास रखता था,लेकिन कभी किताब को सही से पढ़ा नहीं करता था.जैसे-तैसे संजीव ने इंटर पास कर लिया, अब वो 18 साल का हो गया था,और उसके पापा ने गोरखपुर के ही कॉलेज में उसका एडमिशन करवा दिया था. एक दिन वो अपने एक रिश्तेदार के यहाँ शादी में गया, जहाँ उसकी मुलाकात एक लड़की से हुई, लड़की का नाम प्रिया था. प्रिया बहुत ही सुन्दर और चुलबुली थी, वो मात्र 13 साल की थी, शायद इसलिए उसमे बचपना भी था. प्रिया के पापा इस दुनिया में नहीं थे, उसके परिवार में उसकी मम्मी,एक बड़ी बहन और एक छोटी बहन के साथ साथ एक छोटा भाई भी था. घर की साड़ी जिम्मेदारी उसकी माँ पर ही था.उसकी माँ मेहनत के दम पर अपने बच्चो के पाल रही थी, उसने कभी भी अपने बच्चो को उनके पिता की कमी महसूस नहीं होने दिया.हाँ, लेकिन सिर्फ जरुरत ही पूरा कर पाती थी.रिश्तेदार की शादी में जब संजीव ने प्रिया को देखा तो उसे देखता रह गया, इतनी खूबसूरत लड़की उसने कभी नहीं देखा था, उसके दिल में प्रिया के लिए प्यार भर आया, उसने प्रिया से बात करना चाही, और प्रिया ने भी हस कर बात किया . प्रिया के हस कर बात करना सनजीओव को अच्छा लगा,और उसने शादी के माहौल से प्रिया को बाहर आने को बोलै, प्रिया भी आ गयी, दोनों ने अकेले में बात-चीत शुरू की तो संजीव को पता चला की प्रिया अभी पढ़ ही रही है. उसने प्रिया की पसंदीदा चीज पूछी तो प्रिया ने चॉकलेट बताया. फिर क्या था? संजीव ने प्रिया के लिए ढेर सारा चॉकेलट खरीद दिया, प्रिया भी इतने सारे चॉकलेट देख कर खुश हो गयी,और खाने में लग गयी. संजीव ने फिर सिंदूर को हाथ में ले कर प्रिया से कहा, अगर उसे लगाने दे तो वो और भी चॉकलेट ला कर देगा. और ज्यादा चॉकलेट सुन कर, प्रिया ने तुरंत हाँ, कर दिया. संजीव ने भी प्रिया के हाँ सुनते ही, उसके मांग में सिंदूर डाल दिया, संजीव के अनुसार, उसने प्रिया से शादी कर ली. वहीँ, प्रिया के अनुसार इस सिंदूर की वजह से उसे और चॉकलेट खाने को मिलेगा. खैर शादी खत्म हो गयी, सभी अपने अपने घर लौटने लगे, तभी प्रिया की माँ की नजर प्रिया के मांग पर पड़ी तो वो देख कर चौंक गयी, उसने जब प्रिया से पूछा, तो प्रिया ने सब कुछ सच सच बता दिया, अब तो जहाँ एक और शादी का जश्न था वहीँ दूसरी तरफ प्रिया और संजीव के घर वालो के बीच जंग जैसा माहौल था. प्रिया की माँ ने प्रिया के मांग की सिंदूर धोने में लग गयी.इस बात को काफी समय बीत गया. दोनों के घर वाले भूल गए . करीब 5 साल के बाद एक दिन अचानक से रास्ते में प्रिया और संजीव की टक्कर हो गयी,और संजीव ने प्रिया को सॉरी बोल दिया. प्रिया भी सिर्फ मुस्कुरा कर आगे बढ़ गयी.दोनों एक दूसरे को नहीं पहचान पाए. लेकिन वक्त का तकाजा देखिये की प्रिया और संजीव जिसके शादी में गए थे, वो संजीव के साथ ही थे,और उन्होंने संजीव से पूछा की उस लड़की को पहचाना, इस पर संजीव ने ना में उत्तर दिया, इस पर उन्होंने अपनी शादी वाली घटना याद दिलाई और बताया की प्रिया वहीँ लड़की है, आज 5 साल बाद अचानक से प्रिया को देख कर संजीव के दिल में वही पुराना प्यार फिर से जाग गया. उसने प्रिया के घर के बारे में पता लगाया और वो एक बार फिर प्रिया के दिल में जगह बनाने की कोशिश करने लगा साथ ही साथ उसे एहसास दिलाने लगा की वो उसकी पत्नी है. इधर प्रिया की माँ ने जब संजीव के बारे में पता लगाया तो पता चला की संजीव अभी तक कुछ नहीं कर रहा है, सिर्फ लड़की के पीछे घूमना और मस्ती करना यही उसका काम है, प्रिया की माँ समझ चुकी थी की उसकी बेटी की जिंदगी संजीव के साथ नर्क होने वाली है, जहाँ एक और संजीव उस शादी को नाम देने में लगा हुआ था, वहीँ दूसरी तरफ प्रिया की माँ ने कोर्ट में जा कर इस रिश्ते को तोडना ही उचित समझा और काफी बहस के बाद आखिर कार दोनों का रिश्ता टूट गया और चॉकलेट वाला प्यार और शादी दोनों ही चॉकलेट तक ही सिमट कर रह गयी.

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