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दो प्रेरणादायक कहानियां-Two new inspirational stories in hindi language with moral

दो प्रेरणादायक कहानियां
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१. जोकर की सीख

एक बार की बात है एक जोकर सर्कस में एक चुटकुला सुना रहा था। चुटकुला इतना मज़ेदार था कि लोग सुनकर खूब हंसने लगे। कुछ देर बाद जोकर ने वही चुटकुला सुनाया। थोड़ी देर बाद जोकर ने फिर से दुहरा दिया। इस बार बीच में ही एक दर्शक ने उसे टोकते हुवे कहा –अरे ,कितनी बार एक ही चुटकुला सुनाओगे ? कुछ और सुनाओ। जोकर थोड़ा गंभीर होकर बोला ,-धन्यवाद भाई साहब ,यही तो मै भी कहना चाहता हूँ। जब ख़ुशी के एक कारण की वजह से आप लोग बार -बार खुश नहीं हो सकते तो दुःख के एक कारण से बार -बार दुखी क्यों होते हो यह सत्य है कि हमारे जीवन में अधिक दुःख और खुशियाँ कम है, हम ख़ुशी को तो आसानी से छोड़ देते है पर दुःख को पकड़ कर बैठे रहते है जीवन में तो सुख और दुःख का आना और जाना लगा ही रहता है। दुखों को भुलाकर जब हम प्रयत्न करते है तभी हमें सफलता मिलती है। [साभार -राहुल सिंघानियां ]
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२] साधू की झोपड़ी

किसी गाँव में दो साधू रहते थे। वे दिन भर भीख मांगते और मंदिर में पूजा करते। एक दिन गाँव में भयंकर आंधी आई। साथ -साथ बहुत जोरों की बारिश भी होने लगी। दोनों साधू की एक ही झोपड़ी थी जिसमे वे निवास करते थे ,आंधी में उनकी झोपड़ी बर्बाद हो गयी। पहला साधू यह बर्बादी देखकर क्रोधित होता है और कहता है -‘भगवान् तू तो हमेशा मेरे साथ गलत करता है। मैं तुम्हे मंदिर में नित्य पूजा करता हूँ और बदले में मेरी ही झोपड़ी तोड़ दी ?’ गाँव में चोर -लुटेरे ,मक्कार लोगों के मकानों का तो कुछ नहीं हुआ। और साधुओं की ही झोपड़ी तोड़ दी। हम तो हमेशा तेरा ही नाम जपते है पर तू हमसे प्रेम नहीं करता। तभी दूसरा साधू आता है और टूटे झोपड़ी को देखकर प्रसन्न होता है। और कहता है कि आज हमें विश्वास हो गया कि तू हमसे कितना प्रेम करता है। तूने आधी झोपड़ी बचा दी जिससे अभी भी हमें सर ढकने की जगह बची है वरना इस प्रलयकारी आंधी -तूफ़ान में आधी झोपड़ी भी नहीं बचती। तेरा जय हो हे प्रभु। हमारी सोच ही हमारे भविष्य को तय करती है। एक ही घटना को दोनों साधुओं ने अलग -अलग ढंग से व्याख्या की। विकार परिस्थिति में भी अपनी सोच को सकारात्मक बनाये रखना चाहिए। विचारों को वश में रखिए ,वो आपके शब्द बनेगे -शब्दों को वश में रखिये ,वो आपके कर्म बनेंगे -कर्मों को वश में रखिये ,वो आपकी आदत बनेंगे –आदतों को वश में रखिये ,वो आपका चरित्र बनेगा।

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