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एलियन द्वारा भेजा गया संदेश.-unbelievable news stories that are real

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हम एक से बढ़कर एक टेक जगत की खबरें प्रकाशित करते हैं। पेश है इसी कड़ी में आज हम “एलियन द्वारा भेजा गया संदेश.-unbelievable news stories that are real” sites प्रकाशित कर रहे हैं . आशा है आपको ये खबर पसंद आएगी

यूं तो एलियन के बारे में जब-तब सुनने को मिलता रहता है,लेकिन अभी तक कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला है की एलियन से सम्पर्क हो पाया है
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खैर आपने फिल्मो में जरूर एलियन को देखा होगा, लेकिन दरसल एलियन दीखते कैसे हैं, वो भी ही अभी तक साफ़ नहीं हो पाया है. वैसे ऋतिक रौशन की आयी फिल्म,” कोई मिल गया” जरूर एलियन पर आधारित थी, जिसमे यह दिखाया गया था की दूसरे जगह से आया संकेत धरती पर प्राप्त हुआ था, लेकिन वाकई ऐसा संभव है,अगर वैज्ञानिको की माने तो अभी तक यह संभव नहीं हो पाया है.कुछ ऐसा ही हॉलीवुड की फिल्म “थोर” में भी दिखाया गया है. लेकिन इस पर विज्ञानं का क्या कहना है ये भी जान लेते हैं.अगर कोई बुद्धिमान एलियन हमें संदेश भेजने का प्रयास कर रहे हैं, तो उनके संकेतों तक हमें पहुंचने से पहले वे मर जाएंगे. यही स्विट्ज़रलैंड के वैज्ञानिकों का निष्कर्ष है, जो कहते हैं कि रेडियो सिग्नल को पाने में देरी का मतलब है कि हम एलियन से कभी नहीं मिल सकते हैं. उनका अध्ययन इस धारणा पर आधारित है कि दुसरी ग्रह के प्राणी जो हमसे काफी दुर हैं और उस सभ्यता को हमें संदेश प्रेषित करने के लिए रेडियो सिग्नल का उपयोग करेगी, जो प्रति सेकंड 186,000 मील की दूरी पर यात्रा करते हैं. हालांकि यह तेज भी हो सकता है, लेकिन ब्रह्मांडीय शब्दों में यह बहुत धीमा है.इकोल पॉलीटेक्निक फेडेरेल डे लॉज़ेन के प्रमुख शोधकर्ता डॉ क्लाउडियो ग्रिमाल्डी ने साइंस न्यूज़ को बताया कि, ‘अगर आकाशगंगा के दूसरी ओर से निकलती सभ्यता, जहां से संकेत आता है, सभ्यता पहले ही खत्म हो जाएगी.’ अध्ययन, वर्तमान में पूर्व प्रकाशन साइट arXiv पर उपलब्ध है, 1961 में खगोल भौतिकीविद् और खगोलशास्त्री फ्रैंक ड्रेक द्वारा गढ़ने वाले ड्रेक समीकरण को देखता है. सेवन वेरिएबल को ध्यान में रखते हुए, यह एक मॉडल है जो हमारी आकाशगंगा में ग्रहों की संख्या का अनुमान लगाता है जो दुसरे ग्रह के जीवन का घर हो सकता है. यह ग्रहों की तारों की संख्या, तारों की मात्रा, उन प्रणालियों में संभावित रूप से रहने योग्य ग्रहों की संख्या को ध्यान में रखती है और उपसर अध्ययन करती है.
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हमारी आकाशगंगा अकेले 100,000 प्रकाश वर्ष की दुरी पर फैला है. यद्यपि मनुष्य 80 वर्षों से रेडियो तरंगों को भेज रहा है, लेकिन वे उस समय में केवल अधिकतम 0.001 प्रतिशत आकाशगंगा की यात्रा करेंगे. शोधकर्ताओं का कहना है कि एलियन से संपर्क करना विशेष रूप से संभव नहीं है तब, जब आप समझते हैं कि किसी भी सभ्यता की जीवन की संभावना 100,000 से अधिक वर्षों तक जीवित रहने में सक्षम नहीं है.शोधकर्ताओं ने अप्रकाशित पेपर में लिखा है ‘हम आकाशगंगा के एक सरल मॉडल का विकास करते हैं जिसमें धरती पर एसईटीआई का पता लगाने की संभावनाओं की गणना करने करते हैं जिसमें जनरेट्रेंट और सभ्यताओं के जानकार जीवनकाल दोनों शामिल हैं’ एसईटीआई (एक्स्ट्रेसिटरियस्टियल इंटेलिजेंस इंस्टीट्यूट के लिए खोज) में शोधकर्ता वर्तमान में विशेष कैमरों के एक विश्व व्यापी नेटवर्क पर काम कर रहे हैं, जिससे वैज्ञानिकों ने मिलिसेकंड की तुलना में छोटे संकेतों का पता लगाया. 2016 में, प्रोफेसर कॉक्स ने कहा कि हम किसी भी मामले में किसी विदेशी सभ्यता को खोजना नहीं चाहते हैं. मतलब साफ़ है की अभी तक के खोज के अनुसार ऐसा संभव नहीं है की हम एलियन से कोई सम्पर्क कर पाए.
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