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wonderful love story in hindi-सैयां नहीं भैया पार्ट 2

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wonderful love story in hindi

नोट्स लेने के बाद अनामिका वहां से चली गयी और सोचने लगी,आखिर स्वेता में ऐसी क्या बात है,जो सभी उसे पसंद करते हैं, अनामिका एक बार सोचने पर मजबूर हो गयी,क्योंकि कहीं न कहीं संजीव की बात सुन कर उसे संजीव से प्यार हो गया था,क्योंकि स्वेता के लिए उसका प्यार देख कर उसे संजीव से प्यार हो गया था,जो संजीव स्वेता के दिल का हाल नहीं जनता है,ना ही उसे ये पता है की स्वेता उससे प्यार करती भी या नहीं,ये बिना जाने वो स्वेता से भला इतना प्यार कैसे करता है? आखिर स्वेता में ऐसा क्या है? वो अगले दिन स्वेता को काफी करीब से जानने और देखने लगी,उसकी समझ में ये बात आ गयी थी की स्वेता सभी है कर बात करती है,उसका अपना ही एक अंदाज है,जो सभी लड़के को भाता है, ये देख कर उसकी नजर संजीव पर पड़ी तो संजीव इशारे में बता रहा था की स्वेता से बात करे? अनामिका ने संजीव को इशारे से ही आश्वाशन दिया की वो स्वेता के दिल की बात मालूम कर लेगी। इधर एग्जाम की वजह से क्लास में अफरा-तफरी का माहौल मचा हुआ था, तभी एक खबर आयी की इस बार एग्जाम की वजह से रक्षाबंधन के दिन कॉलेज खुला रहेगा और सभी कॉलेज आना है, ये सुन कर जहां लड़किया खुश हुई लड़के का दिल बैठने लगा,अनामिका ने भी मन ही मन कुछ प्लान कर लिया था,वो स्वेता के पास गयी और बोली,क्लास के सभी लड़के को इस बार राखी बांधना है,वो हमेशा हमारे लिए गलत ही सोचते हैं,स्वेता भी इस प्लान को सुन कर खुश हो गयी, और उसने भी सोचा सभी उसे परेशान ही करते हैं और उसके साथ घूमना चाहते हैं, उससे प्यार करना चाहते हैं,इससे अच्छा मौका नहीं मिलेगा,उसने कहा वो सभी को राखी बंधेगी लेकिन संजीव को नहीं,ये सुन कर अनामिका का दिल बैठने लगा,उसने पूछा ऐसा क्यों? इस पर स्वेता ने जवाब दिया की वो कभी उसे ना ही परेशान किया ना ही उसने कभी उसे उस नजर से देखा,वो अच्छा लड़का है,इसलिए उसे राखी नहीं बांधेगी,ये सुन कर अनामिका का दिल बैठने लगा,कहाँ वो संजीव को पसंद करती थी,और कहाँ स्वेता उसे अगर राखी नहीं बांधेगी तो संजीव के दिल में पल रहा प्यार और मजबूत हो जायेगा,उसकी समझ में नहीं आ रहा था की वो क्या करे? तभी संजीव ने उससे पूछा की स्वेता से क्या बात हुई? इस पर अनामिका ने संजीव को बताया की इस बार राखी के दिन स्वेता सभी को राखी बांधेगी। ये सुन कर संजीव के आँखों में आसूं आ गए,कहीं वो सैयां बनने का ख्वाब देख रहा था कहाँ स्वेता उससे भैया बना रही थी। संजीव के आँखों में आसूं देख अनामिका में उसका हाथ थमा और धीरे से उसके कान में,” आई लव यू” बोलते हुए कहा की वो उसे पसंद करती है। संजीव अनामिका को गौर से द्खेने लगा और उसकी समझ में नहीं आ रहा था की वो अनामिका से क्या बोले? लेकिन वो कहते हैं ना डूबता हुए को तिनके का सहारा,वहीँ बात संजीव के साथ हुई, ऊके दिल ने कहाँ स्वेता ना सही अनामिका तो प्यार करने वाली मिली है। इधर अनामिका ने स्वेता का कान भरना शुरू किया और स्वेता को मना लिया की वो संजीव को भी राखी बांधे, स्वेता राखी बांधने को मान गयी लेकिन उसने कहा की वो भी संजीव को राखी बांधेगी, इस पर अनामिका तैयार हो गयी।इधर राखी वाले दिन क्लास के किसी लड़के को ये मालूम नहीं था की,लड़कियों ने क्या प्लान बनाया है,हलाकि उनसबो का दिल जोर जोर से जरूर धड़क रहा था।अनामिका ने संजीव को बताया की स्वेता खुद तो तुम्हे राखी बांधना चाहती है,और मुझे भी बांधने को बोल रही है,लेकिन मैं तुमसे प्यार करती हूँ इसलिए मैं भला तुम्हे कैसे राखी बांध सकती हूँ,इसलिए तुम मुझसे राखी मत बंधवाना,ये बात सुन कर संजीव ने कहा की यही अंतर है स्वेता और दुसरो में,अगर उसे राखी बांधनी है तो बांधेगी,अगर उसे नहीं बांधनी है तो नहीं बांधेगी वो मुझे कभी मना नहीं करती,वो खुद नहीं बांधती,ये सुन कर अनामिका को ये पता चल गया की उसके अंदर क्या खामी है और उसने ये सोच लिया की चाहे खुश भी हो वो संजीव को पा कर रहेगी,इसलिए उसने संजीव से कहा की मेरे प्यार का एहसास तुम्हे राखी वाले दिन हो जायेगा, वो दिन भी आ गया जिस दिन राखी था, लड़कियों ने राखी खरीद कर अपने बैग में ले आई थी, और लंच के समय अचानक से सभी लड़कियां लड़को को राखी बांधने लगी,स्वेता ने भी सभी को एक एक कर राखी बांधने लगी, लड़को का चेहरा देखने लायक था, उन्हें समझ में नहीं आ रहा था की वो क्या करे? दबी जुबान से सभी कह रहे थे की कहाँ सैयां बनने का सपना देखा था कहाँ भैया बनना पड़ रहा है। ना चाहते हुए भी सभी को स्वेता से राखी बंधवानी पड़ रही थी,और जो बंधवा चुके थे और जबरदस्ती दुसरो को भी बंधवा रहे थे,मतलब साफ़ था की स्वेता मेरी नहीं हुई तो किसी और की भी नहीं होगी,ये सिलसला बढ़कर संजीव के पास भी आया,और संजीव ने चुप चाप अपनी……..
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